पटना, 18 अक्तूबर (पटना डेस्क) बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है। हाल तक चर्चा में रहे कुख्यात अशोक महतो को दरवाजे से लौटाने वाले तेजस्वी यादव ने अब उन्हीं की पत्नी अनीता कुमारी को वारिसलीगंज सीट से राजद का टिकट दे दिया है। तेजस्वी ने खुद उन्हें पार्टी का चुनाव चिन्ह सौंपा।
हालांकि इस फैसले से महागठबंधन में विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने भी इसी सीट से सतीश कुमार उर्फ मंटन सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। ऐसे में महागठबंधन के भीतर ‘दोस्ताना मुकाबला’ की स्थिति बन गई है, जो अंदरूनी असंतोष और रणनीतिक फूट का संकेत देता है।

इधर, नवादा, गोविंदपुर और रजौली सीटों पर टिकट को लेकर खींचतान जारी है। राजद नेता कौशल यादव नवादा और गोविंदपुर सीटों पर अपने और अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे हैं। वहीं, गोविंदपुर के मौजूदा विधायक मो. कामरान, जो मगध क्षेत्र से चुने गए इकलौते मुस्लिम विधायक हैं, टिकट कटने की आशंका से नाराज बताए जा रहे हैं।
रजौली सीट पर भी घमासान मचा है। मौजूदा विधायक प्रकाशवीर, जिन्होंने हाल ही में जदयू छोड़ी है, अब तेजप्रताप यादव की पार्टी जन शक्ति जनता दल से मैदान में उतरेंगे। उन्हें ब्लैकबोर्ड सिंबल दिया गया है, जिससे महागठबंधन के भीतर नए राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं।

