हैदराबाद, 21 सितम्बर (अंकिता राय) तेलंगाना सरकार ने राज्य के नए जिलों में स्थायी न्यायालय भवनों के निर्माण और न्यायिक कर्मचारियों की नियुक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस दिशा में तेज़ी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को शीघ्र, सुलभ और पारदर्शी न्याय प्रणाली उपलब्ध कराई जा सके।

राज्य पुनर्गठन के बाद वर्ष 2016 में बनाए गए 21 नए जिलों में अभी भी कई स्थानों पर न्यायालयों की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। अनेक जिलों में अस्थायी भवनों से न्यायिक कार्य संचालित हो रहा है, जिससे न केवल मुकदमों के निपटारे में देरी हो रही है बल्कि प्रशासनिक जटिलताएँ भी बढ़ रही हैं।
सरकार अब इन जिलों में स्थायी कोर्ट परिसरों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित भवनों में ई-कोर्ट, डिजिटल फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल होंगी। साथ ही न्यायिक अधिकारियों, क्लेरिकल स्टाफ और सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, “हर नागरिक को न्याय तक आसान पहुँच मिलनी चाहिए। नए जिलों में न्यायिक व्यवस्था को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।”
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल न्यायिक प्रक्रिया को गति देगी, बल्कि न्याय व्यवस्था के विकेंद्रीकरण को भी मजबूती मिलेगी। इससे ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के नागरिकों को न्याय के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

