पूर्णिया, 19 दिसंबर (राजेश कुमार झा) दालकोला चेकपोस्ट पर माफियाओं का साम्राज्य इस कदर फैला हुआ है कि उसके इशारे के वगैर चेकपोस्ट से बाहर निकलना कतई संभव नहीं है.आपको हर हाल में इन माफियाओं को टैक्स देना ही पड़ेगा.क्योंकि इन माफियाओं को परिवहन कर्मी हिमांशु कुमार के साथ साथ उत्पाद कर्मी आर्यन एवं विकास का वरदहस्त प्राप्त है.

कहने का मतलब आप किसी भी तरह इन माफियाओं के आंखों में धूल झोंक कर नहीं निकल सकते है.बताते चलें कि दालकोला चेकपोस्ट पर कई तरह के माफियाओं का साम्राज्य फैला हुआ है.जैसे शराब माफिया,पशु माफिया सहित कई माफियाओं ने अपना एक साम्राज्य बना रखा है.इन सभी इंट्री माफियाओं ने दालकोला चेकपोस्ट पर विष्णु बोसाक नाम का एक दलाल को लगा रखा है.जिन्हें परिवहन कर्मी हिमांशु के साथ साथ उत्पाद कर्मी आर्यन और विकास का वरदहस्त मिला हुआ है.जो परिवहन कर्मी हिमांशु एवं उत्पाद कर्मी आर्यन और विकास की मिलीभगत से चेकपोस्ट से गाड़ियों को खुलेआम पास करवाता है. किन गाड़ियों को रोकना है और किन गाड़ियों को नहीं रोकना है.ये सब विष्णु बोसाक तय करता है.यहां तक कि किन गाड़ियों से कितने रुपयों में डील करना है.ये भी विष्णु ही तय करता है.इनके इशारे पर ही परिवहन बाबू हिमांशु उत्पाद कर्मी आर्यन और विकास के साथ मिलकर सारे गलत कामों को अंजाम देता है. बताते चलें कि दालकोला चेकपोस्ट को सेवन सिस्टर का इंट्री गेट भी कहा जाता है.जहां से नॉर्थईस्ट के सभी राज्यों की गाड़ियों की आवाजाही होती है. अगर चेकपोस्ट पर तैनात कर्मी थोड़ी सी भी ईमानदारी दिखाएं तो सरकारी राजस्व का जो बंदरबांट हो रहा है.उस पर नकेल लग सकता है.

