नई दिल्ली, 27 नवम्बर (अशोक “अश्क”) लाल किले के पास 10 नवम्बर को हुए भीषण धमाके की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को अहम सुराग मिले हैं। जांच अब महाराष्ट्र के संभाजीनगर तक पहुँच गई है, जहाँ रहने वाली एक महिला के इस ब्लास्ट से संभावित संबंधों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का दावा है कि महिला पिछले छह महीने से नकली IAS अधिकारी बनकर रह रही थी और उसके संपर्क पाकिस्तान व अफगानिस्तान से जुड़े लोगों से पाए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि संदिग्ध महिला, जिसने खुद को कल्पना भागवत बताया था, एक लग्जरी होटल में ठहरी हुई थी और ब्लास्ट वाले दिन दिल्ली में मौजूद थी। होटल की तलाशी में उसके पास से 2017 का फर्जी IAS नियुक्ति-पत्र और संदिग्ध आधार कार्ड बरामद हुए। पुलिस ने कोर्ट से उसकी रिमांड मांगते हुए कहा कि जांच का मुख्य फोकस यह है कि क्या वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है तथा क्या दिल्ली ब्लास्ट से उसका सीधा संबंध है।
सूत्रों के अनुसार महिला के बैंक खाते में उसके पाकिस्तानी बॉयफ्रेंड अशरफ खलील और उसके अफगानिस्तान में रहने वाले भाई आवेद खलील के खाते से बड़ी राशि ट्रांसफर की गई थी। होटल के कमरे से पुलिस को 19 करोड़ रुपये का चेक और 6 लाख रुपये का एक और चेक मिला। इसके अलावा उसके पास से मिले 10 अंतरराष्ट्रीय फोन नंबरों में पेशावर और अफगानिस्तान के नंबर शामिल हैं, जिनमें पाकिस्तान आर्मी और अफगानिस्तान दूतावास से जुड़े संपर्क भी पाए गए।
10 नवम्बर को लाल किले के पास खड़ी एक आई20 कार में हुए विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक घायल हुए थे। मामले में आरोपी कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनई, अदील अहमद राथर, मुजफ्फर राथर और कार चलाने वाला उमर-उन-वोनबी पहले ही चिन्हित किए जा चुके हैं।

