नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने हाल ही में एक शो के दौरान बेटे सनी देओल की डेब्यू फिल्म बेताब से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया। धर्मेंद्र ने बताया कि कैसे उन्होंने फिल्म का ट्रायल देखने के बाद सनी से पूरी डबिंग दोबारा करवाई थी।
धर्मेंद्र ने कहा, “जब मैंने बेताब का ट्रायल शो देखा, तो डबिंग पहले ही पूरी हो चुकी थी। ट्रायल देखने के बाद मुझे गुस्सा आ गया।

मैं घर आया और पूछा कहां हैं सनी साहब? निकालो उसे।” उन्होंने आगे कहा कि वे सनी को लेकर स्टूडियो गए और पूरी डबिंग दोबारा करवाई।
धर्मेंद्र ने कहा, “डबिंग में वो सारे इमोशंस नहीं आते, जब तक उसमें जान न डाली जाए। मैं रात 11-12 बजे तक सनी के साथ स्टूडियो में रहता। कभी-कभी मैं घर जाने का नाटक करता और छिपकर देखता कि वो क्या कर रहा है।”

सनी देओल ने भी उस दौर को याद करते हुए कहा, “ऐसा लगता था जैसे स्कूल जा रहा हूं और हेडमास्टर सामने बैठे हैं।”
धर्मेंद्र ने शो में एक बचपन की घटना का जिक्र करते हुए बताया, “मैंने सिर्फ एक बार सनी को मारा था, जब उसने खिलौना बंदूक से पड़ोसी की खिड़कियां तोड़ दी थीं। बाद में मैं स्टूडियो से फोन करके पूछता रहा कि वो ठीक है या नहीं।”
सनी ने मुस्कराते हुए कहा, “उस दिन मेरे चेहरे पर पापा की दो उंगलियां छप गई थीं।”
यह किस्सा धर्मेंद्र और सनी के रिश्ते में भावनात्मक गहराई और सख्ती के पीछे छिपे प्यार को दर्शाता है।

