
नई दिल्ली, 07 नवम्बर (स्वाति कुमारी) बागेश्वरधाम पीठाधीश धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री आज 7 नवंबर से दिल्ली से वृंदावन तक 150 किलोमीटर की बहुप्रतीक्षित पदयात्रा पर निकल पड़े हैं। यह यात्रा कत्यानी देवी मंदिर से प्रारंभ होकर 16 नवंबर को वृंदावन पहुंचेगी। अनुमान है कि इस दौरान लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालु इसमें शामिल होंगे।
पदयात्रा के मार्ग में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन ने पूरे मार्ग पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी है और ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के यह उपाय साढ़े वर्दियों में भी श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगे।
यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म को जन-जन तक पहुँचाना और इसके मूल उद्देश्यों की रक्षा करना बताया गया है। धर्म रक्षा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने इसे केवल एक साधारण पदयात्रा नहीं बल्कि हिंदू संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाली यात्रा बताया।
सुबह 9 बजे कत्यानी देवी मंदिर पर श्रद्धालुओं ने बाबा धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का धार्मिक नारे, हनुमान चालीसा और राम नाम संकीर्तन के साथ स्वागत किया। यात्रा के दौरान भक्त हाथों में धर्म ध्वज लहराते हुए और राष्ट्रगान के साथ आगे बढ़ते रहे।
यात्रा छतरपुर से फतेहपुर बेरी नमक मुहल्ले तक पहुँची, जहाँ श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा की। स्थानीय निवासी राहुल कुमार ने कहा कि इस प्रकार की धर्म यात्रा उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। इस दौरान उनके बच्चे भी स्कूल नहीं गए और उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल हुए।
500 से अधिक मुस्लिम समुदाय के श्रद्धालु भी फैज खान के नेतृत्व में इस यात्रा में शामिल हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सांसद *मनोज तिवारी, मंत्री *कपिल मिश्रा सहित अन्य नेता भी इस यात्रा को समर्थन दे रहे हैं।
यह पदयात्रा धार्मिक एकता और समाज में सांस्कृतिक चेतना के प्रसार का प्रतीक मानी जा रही है।

