पटना, 27 नवम्बर (पटना डेस्क) निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को पटना और समस्तीपुर में सहकारिता विभाग के अधिकारी उपेंद्रनाथ वर्मा के ठिकानों पर छापेमारी कर आय से अधिक संपत्ति के कई सबूत बरामद किए।

तलाशी के दौरान दोनों ठिकानों से 10.5 लाख रुपये से ज्यादा नकदी, 27 लाख रुपये से अधिक मूल्य की ज्वेलरी और कुल 14 जमीन की डीड मिली, जिनमें प्राथमिकी में दर्ज 11 डीड के अलावा तीन नई डीड शामिल हैं।जांच दल को कई बीमा कंपनियों में निवेश से जुड़े दस्तावेज, एक इनोवा कार, एक स्विफ्ट डिजायर और बैंक पासबुक भी मिली है। निगरानी ब्यूरो की डीएसपी अभिजीत कौर ने बताया कि गुप्त जांच में उपेंद्रनाथ वर्मा की लगभग 1 करोड़ 17 लाख रुपये की कथित अवैध संपत्ति का पता चलने पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर समस्तीपुर स्थित कार्यालय और आवास के साथ-साथ पटना आवास पर छापेमारी की गई।समस्तीपुर में वर्मा के कमरे की तलाशी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ली गई। टीम जब पहुंची तो वर्मा वहां मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वे कार्यालय के पास एक होटल के ऊपर किराये के कमरे में रहते हैं। कमरे का सीसीटीवी कैमरा बंद था, जिसके बाद मजिस्ट्रेट को बुलाकर कमरा खोला गया। अलमारी से 5 लाख 600 रुपये बरामद हुए। वर्मा यहां लगभग एक वर्ष से पदस्थापित हैं।करीब दोपहर 1 बजे शुरू हुई छापेमारी में तीन गाड़ियों से पहुंचे 11 अधिकारियों—3 डीएसपी, 2 इंस्पेक्टर, 4 सब-इंस्पेक्टर और 2 कॉन्स्टेबल—ने भाग लिया।उधर, उपेंद्रनाथ वर्मा ने इन आरोपों को “गहरी साजिश” बताते हुए कहा कि वे किसान परिवार से हैं और बरामद संपत्ति पारिवारिक है। उन्होंने कहा, “मैं इसके सभी कागजात कोर्ट में प्रस्तुत करूंगा। मेरे पास सिर्फ एक सैलरी अकाउंट है।

