पटना, 10 नवम्बर (पटना डेस्क) राजनीति में कब क्या हो जाए, यह कहना मुश्किल है। कुछ ऐसा ही दिलचस्प नजारा हाल ही में पटना एयरपोर्ट पर देखने को मिला, जब लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और जनशक्ति जनता दल (JJD) अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की मुलाकात भाजपा सांसद और भोजपुरी स्टार रवि किशन से हो गई। दोनों नेताओं ने हंसते हुए एक-दूसरे का अभिवादन किया और आपस में बातचीत की। यह दृश्य देखते ही सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।

तेज प्रताप से पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मैं अब बिहार के विकास करने वालों के साथ हूं। हम भी टीका लगाते हैं, और रवि किशन भी।” इसके बाद अचानक केंद्र सरकार ने तेज प्रताप को Y+ सुरक्षा श्रेणी में शामिल कर दिया, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गईं।
जानकारी के अनुसार, 7 नवंबर की शाम पटना एयरपोर्ट पर दोनों नेता चुनाव प्रचार से लौट रहे थे और फिर 8 नवंबर को भी एक साथ देखे गए। उसी रात करीब 10 बजे केंद्र की मोदी सरकार ने तेज प्रताप यादव को Y+ सुरक्षा देने की घोषणा की। इस सुरक्षा के तहत उन्हें दो पर्सनल सिक्योरिटी अफसर और सीआरपीएफ के नौ कमांडो मिलेंगे।
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ दिन पहले ही तेज प्रताप की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी। मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या के बाद तेज प्रताप ने अपनी हत्या की आशंका जताई थी और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी।
राजनीतिक हलकों में अब यह चर्चा जोरों पर है कि क्या तेज प्रताप भाजपा के करीब आ रहे हैं। वहीं, रवि किशन ने कहा, “बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी उन भक्तों के लिए दरवाजे खुले रखते हैं जो निःस्वार्थ भाव से सेवा करना चाहते हैं।”

