
पूर्णिया:-18 अप्रैल(राजेश कुमार झा)पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों चट्टी-बट्टी का खेल चरम पर है.नगर निगम क्षेत्र के सभी चौक-चौराहे पर सड़क किनारे चट्टी और ठेला लगाकर अपनी जीविका चलाने वालों ने बताया कि सर हर दिन 50 से 100 रुपया देना पड़ता है.नहीं देने पर ठेला और चट्टी लगाने नहीं देता है.कहता है सड़क किनारे सरकार की जमीन पर चट्टी और ठेला लगाकर धंधा कर रहे हो और सरकार को ही टैक्स नहीं दोगे तो कैसे काम चलेगा.सर क्या बोलें धंधा सब दिन एक समान नहीं होता है. लेकिन 100 रुपया तो देना ही पड़ता है.रसीद मांगने पर गाली-गलौच करने लगता है. क्या करें परिवार है,सबको पालने की जिम्मेदारी भी है. इसलिए उन लोगों की गाली सुनकर भी धंधा करना पड़ता है.बताते चलें कि पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र में सड़क किनारे चट्टी और ठेला लगाकर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करने वालों से निगम के नाम पर हर दिन वसूली का खेल चलता है. इसमें नगर निगम के सरकारी खजाने में कितना पैसा जाता है ये तो निगम ही जानें.लेकिन निगम का कहना है कि निगम के तरफ से ऐसा कोई भी अधिकृत नहीं है.अब सवाल ये उठता है कि जब निगम की ओर से कोई भी अधिकृत नहीं है तो वो कौन है जो निगम के नाम पर वसूली करता है.सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्थाई हाट का टेंडर लेने वाले ही निगम के साथ मिलीभगत कर वसूली का काम कर रहा है.बताते चलें कि सिर्फ लाइन बाजार क्षेत्र में सुबह 6 बजे से रात के 8 बजे तक तकरीबन 300 से अधिक चट्टी और ठेले वाले हर दिन अपना कारोबार करते है.जिनसे बट्टी गिरोह के लोग तकरीबन 30 हजार से अधिक की हर दिन की वसूली करते है.

