
पटना, 14 फरवरी (अविनाश कुमार) राजधानी में शुक्रवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई जब पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास को पटना पुलिस ने पाटलिपुत्रा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चित्रगुप्त नगर थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि देर रात पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।पुलिस ने दास के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत छह धाराओं में मामला दर्ज किया है।

आरोप है कि रिटायरमेंट के बावजूद वे अपने निजी लेटर पैड पर भारत सरकार का राजकीय प्रतीक चिन्ह और ‘IPS’ पदनाम का इस्तेमाल कर रहे थे। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह ‘भारत का राज्य प्रतीक (अनुचित उपयोग निषेध) अधिनियम, 2005’ के तहत दंडनीय अपराध है। पुलिस ने इसे गंभीर मानते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई की।बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में दास NEET जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ तीखी बयानबाजी कर रहे थे। उन पर भ्रामक सूचना फैलाने का भी आरोप है। इससे पहले भी उनका नाम कई विवादों में जुड़ चुका है।वर्ष 2006 में एक महिला ने उन पर शादी का झूठा वादा कर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

उस समय वे जमुई में बीएमपी-11 के कमांडेंट थे। बाद में देवघर में एसपी रहते हुए भी एक विदेशी महिला से छेड़छाड़ के आरोप लगे। सेवा काल में उन्होंने अपने सीनियर से एसीआर नहीं लिखवाने की बात सार्वजनिक रूप से कही थी।गौरतलब है कि वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने उन्हें अयोग्य करार देते हुए जबरन सेवानिवृत्त कर दिया था, जिसे पुलिस महकमे में दुर्लभ कदम माना गया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

