
पटना, 13 जनवरी (पटना डेस्क) बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य भर में 1445 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। इस बहाली प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेज़ी आ गई है और जल्द ही नियुक्ति की औपचारिक कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने नियुक्ति के लिए पैनल तैयार करने की जिम्मेदारी बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद को सौंपी है। पैनल की अनुशंसा मिलते ही स्वास्थ्य विभाग चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करेगा। यह नियुक्ति एक वर्ष के टेन्योर पर की जाएगी, जिससे सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जूनियर रेजिडेंट पद के लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे जिन्होंने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की हो।

बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग में पहले से कार्यरत नियमित चिकित्सकों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।सरकार ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की अतिरिक्त छूट देने का प्रावधान किया है। चयनित जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को प्रतिमाह 65 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।सूत्रों का कहना है कि प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद ने पैनल निर्माण से संबंधित विवरण-पुस्तिका (प्रॉस्पेक्टस) का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसे स्वास्थ्य विभाग से स्वीकृति भी मिल चुकी है। अब जल्द ही बहाली की आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है।

