पटना (अशोक “अश्क”) बिहारवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने पटना से पूर्णिया तक बनने वाले एक्सप्रेस-वेbको राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे का दर्जा दे दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसे नेशनल एक्सप्रेसवे-9 घोषित किया है। यह बिहार का पहला ऐसा एक्सप्रेस-वे होगा, जो पूरी तरह राज्य की सीमाओं के भीतर बनेगा।
यह 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे राज्य के लिए गेमचेंजर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इसके बन जाने के बाद पटना से पूर्णिया की दूरी मात्र 3 घंटे में पूरी की जा सकेगी। बिहार सरकार पहले ही इस परियोजना को मंजूरी दे चुकी है। अब केंद्र सरकार की मान्यता के बाद इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

यह एक्सप्रेस-वे वैशाली जिले के मीरनगर से शुरू होकर समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा होते हुए पूर्णिया के हंसदाह तक जाएगा। इसे समस्तीपुर, सहरसा और मधेपुरा जिला मुख्यालयों से जोड़ने के लिए अलग से संपर्क मार्ग भी बनाया जाएगा।
इस परियोजना की कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने के लिए इसे दिघवाड़ा-शेरपुर पुल के माध्यम से बिहटा एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा। वहीं हाजीपुर के सराय और जेपी सेतु के सामने भी इसका संपर्क होगा। पटना रिंग रोड का हिस्सा रहे दिघवारा को भी इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा।
इस पूरे एक्सप्रेस-वे का निर्माण तीन पैकेज में किया जाएगा। बिहार सरकार ने केंद्र से निविदा जल्द जारी करने का अनुरोध किया है ताकि 2025 के अंत तक निर्माण कार्य शुरू हो सके।
यह परियोजना बिहार में सड़क कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिहाज से एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकती है।

