नई दिल्ली, 23 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने बड़ा ऐलान करते हुए तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। गुरुवार को पटना के होटल मौर्य में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस, वाम दलों और अन्य सहयोगी दलों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा करते हुए कहा कि महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगा। साथ ही उन्होंने दो डिप्टी सीएम बनाने का ऐलान किया, जिनमें पहला नाम वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी का तय किया गया है।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में महागठबंधन के प्रमुख नेताओं अशोक गहलोत, तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भाग लिया। अशोक गहलोत ने कहा कि तेजस्वी यादव युवा नेता हैं और बिहार के भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, “जिनका लंबा फ्यूचर होता है, जनता उनका साथ देती है।”
तेजस्वी यादव ने इस अवसर पर कहा कि उन्हें गठबंधन के सभी दलों ने भरोसे के साथ यह जिम्मेदारी सौंपी है और वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। उन्होंने नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “बीस साल की निक्कमी सरकार को उखाड़ फेंकना होगा और बिहार को विकास और न्याय की राह पर लाना होगा।”
तेजस्वी ने एनडीए पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब तक उन्होंने मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा नहीं की है। उन्होंने सवाल उठाया कि “नीतीश जी के नाम की आधिकारिक घोषणा अब तक क्यों नहीं हुई?” वहीं उन्होंने नीतीश कुमार की सेहत की चिंता भी जताई और JDU नेताओं को आगाह किया कि चुनाव के बाद पार्टी कमजोर हो सकती है।
मुकेश सहनी ने कहा कि “साढ़े तीन साल से इस दिन का इंतजार था” और उनका लक्ष्य बीजेपी को सत्ता से बाहर करना है। वहीं दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि “बिहार की जनता ने अब बदलाव का संकल्प ले लिया है।”
अंत में अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा करवाए गए सर्वे के बाद यह निर्णय लिया गया कि तेजस्वी यादव महागठबंधन का चेहरा होंगे। सभी दलों ने जनता से अपील की कि वे इस बार परिवर्तन के पक्ष में वोट दें और एक नए बिहार के निर्माण में भागीदार बनें।

