नई दिल्ली, 20 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) बिहार में चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है और नेताओं की बयानबाजी लगातार तीखी होती जा रही है। हाल ही में अरवल में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा मुसलमानों को ‘नमक हराम’ कहे जाने के बाद अब मधुबनी से बीजेपी सांसद अशोक यादव ने मुस्लिम समुदाय को लेकर विवादित बयान दिया है।

दरभंगा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अशोक यादव ने कहा, “अगर मुसलमान भाइयों को मोदी जी से नफरत है, तो कह दो तौबा-तौबा, मैं मुफ्त का अनाज नहीं लूंगा। तौबा-तौबा, मैं उनके बनाए पुल पर नहीं चलूंगा। तौबा-तौबा, मैं सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं लूंगा।” उन्होंने आगे कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी को गाली देंगे, उन्हें देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
अशोक यादव, मधुबनी से सांसद हैं और इस बयान को उन्होंने केवटी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ. मुरारी मोहन झा के नामांकन के बाद आयोजित सभा में दिया। मंच से उन्होंने मुस्लिम समुदाय को सीधा निशाना बनाते हुए कहा कि अगर विरोध करना है तो सुविधाएं लेना बंद करें।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी एक मुस्लिम मौलवी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, “अगर कोई व्यक्ति किसी के उपकार को ना माने, तो उसे ‘नमक हराम’ कहते हैं। “उन्होंने यह भी जोड़ा कि “मौलवी साहब, हमें ऐसे ‘नमक हरामों’ का वोट नहीं चाहिए।”
बीजेपी नेताओं के इन बयानों पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इन बयानों को लेकर भारी आलोचना हो रही है। बिहार की राजनीति में इन विवादित टिप्पणियों ने सियासी तापमान को और अधिक बढ़ा दिया है।

