नई दिल्ली, 14 नवम्बर (अशोक “अश्क”) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रहा है। दोपहर साढ़े तीन बजे तक आए रुझानों ने चुनावी तस्वीर लगभग साफ कर दी है। NDA 200 से अधिक सीटों पर निर्णायक बढ़त बनाए हुए है, जिसने बीजेपी और जेडीयू दोनों खेमों में जबरदस्त उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है। इस चुनाव में बीजेपी ने अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए बिहार के इतिहास में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर एक नया अध्याय लिख दिया है।

जहां एक ओर एनडीए की भारी जीत लगभग तय मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर सत्ता की बागडोर कौन संभालेगा, इस पर राजनीतिक गलियारों में गहरा सस्पेंस बन गया है। आम तौर पर माना जा रहा था कि चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया है और स्वाभाविक रूप से वे ही 10वीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे। लेकिन इसी बीच बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के एक बयान ने समीकरण बदल देने वाला माहौल बना दिया।
तावड़े ने कहा, “हमने बिहार का चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा है। मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला NDA के पांचों घटक दल मिलकर करेंगे।” इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इसे इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि भारी बहुमत के बावजूद बीजेपी सीएम पद का अंतिम फैसला अपने सहयोगियों की सहमति से करना चाहती है।
तावड़े के इस बयान ने यह भी साफ कर दिया है कि बीजेपी अब गठबंधन धर्म निभाते हुए भी सत्ता की साझेदारी को लेकर अधिक रणनीतिक रुख अपनाना चाहती है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे या NDA कोई नया नेतृत्व सामने लाएगा।
फिलहाल, बिहार की राजनीति में जीत की खुशी के बीच मुख्यमंत्री पद का रहस्य और भी गहरा हो गया है, और सभी की निगाहें NDA की बैठक और उच्चस्तरीय चर्चाओं पर टिकी हैं।

