पटना, 18 अक्तूबर (पटना डेस्क) बिहार में भाजपा के टिकट बंटवारे को लेकर अंदरूनी कलह अब सड़कों और मंचों तक पहुंच गई है। गुरुवार को एनडीए की नामांकन सभा में उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी को भी विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही उन्होंने मंच से बोलना शुरू किया, औराई सीट के उम्मीदवार के खिलाफ नारेबाज़ी शुरू हो गई। भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक कुमार ने माहौल संभालने की कोशिश की, लेकिन असंतोष नहीं थमा।

मनोज तिवारी ने मंच से कहा, “विरोध मर्यादा में होना चाहिए, वरना दूसरा रास्ता अपनाना पड़ेगा।” उन्होंने माहौल को हल्का करने के लिए गीत भी गाया, पर विरोध जारी रहा और समर्थकों ने उन्हें घेर लिया।
उधर, पारू से चार बार विधायक रहे अशोक कुमार सिंह ने टिकट कटने से नाराज़ होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। उन्होंने कहा, “एक भाई की चीज़ दूसरे को दे दी गई, अब चुप नहीं बैठेंगे।” वे शुक्रवार को नामांकन दाखिल करेंगे।
भाजपा के लिए यह सवाल गंभीर है: क्या पार्टी समय रहते इस बगावत की आग को शांत कर पाएगी, या फिर चुनावी गणित बिगड़ जाएगा?

