
गोपालगंज,निज संवाददाता:- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व विधायक प्रेम शंकर यादव की कानूनी मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं। गोपालगंज के व्यवहार न्यायालय में एसीजेएम-1 की अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज मानहानि मामले में संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
एसीजेएम-1 गोपाल प्रसाद की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) के तहत कार्रवाई की है। अदालत के इस आदेश के बाद पूर्व विधायक को निर्धारित तिथि पर सदेह कोर्ट में पेश होना होगा। दरअसल,यह मामला 17 अक्टूबर 2022 से जुड़ा है। उस समय बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक प्रेम शंकर यादव ने सोशल मीडिया पर एक विवादित बयान जारी किया था। अपने बयान में उन्होंने क्षेत्र के पूर्व विधायक और वर्तमान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर ‘नारायणी रिवर फ्रंट’परियोजना में 40 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया था। साथ ही उन पर जातीय वैमनस्य फैलाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। इन आरोपों को निराधार और छवि धूमिल करने वाला बताते हुए मिथिलेश तिवारी ने कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। उनके अधिवक्ता राजेश पाठक के अनुसार, अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए संज्ञान लिया है और समन जारी किया है। इस अदालती कार्रवाई के बाद जिले के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब पूर्व विधायक प्रेम शंकर यादव के सामने अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखने की चुनौती होगी।
