
पटना, 21 फरवरी (टीएन मिश्रा) मुजफ्फरपुर की धरती पर जन्मे कनीष्क नारायण ने यूनाइटेड किंगडम की राजनीति में अपनी सशक्त पहचान बनाई है। महज 18 वर्ष की उम्र में Labour Party से जुड़ने वाले कनीष्क आज ब्रिटेन सरकार में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हाल ही में वे दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के बाद वे 23 वर्षों के लंबे अंतराल के उपरांत बिहार पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश में हुए बदलावों पर प्रसन्नता जताई।

नवंबर 1989 में बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मे कनीष्क की प्रारंभिक शिक्षा प्रभात तारा स्कूल से हुई। उनका पैतृक गांव वैशाली जिले के गोरौल में है। उनके दादा कृष्ण कुमार मुजफ्फरपुर डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके थे। बाद में उनका परिवार दिल्ली चला गया और लगभग 12 वर्ष की आयु में वे अपने माता-पिता के साथ इंग्लैंड जाकर वेल्स में बस गए।ब्रिटेन में उन्होंने कार्डिफ के स्कूलों में पढ़ाई की और छात्रवृत्ति के आधार पर प्रतिष्ठित Eton College में दाखिला पाया। इसके बाद उन्होंने University of Oxford से राजनीति,दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र (PPE) में स्नातक किया। उच्च शिक्षा के लिए वे अमेरिका गए और Stanford University से एमबीए की डिग्री हासिल की।

राजनीति में सक्रिय होने से पहले कनीष्क ने ब्रिटिश सिविल सर्विस जॉइन की और Cabinet Office में एडवाइजर के तौर पर कार्य किया। पर्यावरण, खाद्य व ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया।4 जुलाई 2024 को वे वेल्स लेबर पार्टी के उम्मीदवार के रूप में सांसद चुने गए और वेल्स से चुने जाने वाले पहले भारतीय मूल के सांसदों में शामिल हुए। सितंबर 2025 में उन्हें ब्रिटेन सरकार में उन्हें एआई व ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री बनाया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी,ऑनलाइन सुरक्षा, सेमीकंडक्टर,बौद्धिक संपदा और उभरती तकनीकों से जुड़े विषयों पर अहम भूमिका निभाई।दिल्ली में आयोजित एआई समिट में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने पहुंचे कनीष्क को अपनी जन्मभूमि मुजफ्फरपुर ने भावनात्मक रूप से आकर्षित किया। बिहार पहुंचकर उन्होंने कहा कि लंबे अंतराल के बाद राज्य में आकर उन्होंने विकास और बुनियादी ढांचे में सकारात्मक परिवर्तन देखा है। उन्होंने मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध लीची और आम के स्वाद को याद करते हुए बचपन की स्मृतियां साझा कीं।अपने दौरे के दौरान उन्होंने पटना में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा से मुलाकात की,जहां मिथिला परंपरा के तहत उनका स्वागत किया गया। साथ ही उन्होंने मुजफ्फरपुर के एसकेजे लॉ कॉलेज में छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें वैश्विक स्तर पर सोचने और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।-बिहार की मिट्टी को सर से लगायाबिहार की मिट्टी से उठकर वैश्विक राजनीति और तकनीकी नीति-निर्माण के केंद्र तक पहुंचने की कनीष्क नारायण की यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। उनकी उपलब्धियां न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय हैं। वही मुजफ्फरपुर पहुंच कर उन्होंने अपने जन्मभूमि की मिट्टी माथे पर लगाई।

