नई दिल्ली, 5 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) हिंदी सिनेमा के महान फिल्मकार यश चोपड़ा की रोमांटिक क्लासिक फिल्म ‘चांदनी’ को आज 36 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर दर्शकों और सिनेप्रेमियों के दिलों में एक बार फिर उन तीन सितारों की यादें ताजा हो गई हैं, जिन्होंने इस फिल्म को अमर बना दिया श्रीदेवी, ऋषि कपूर और विनोद खन्ना।

साल 1989 में रिलीज हुई ‘चांदनी’ ने ना केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाका किया, बल्कि भारतीय सिनेमा में रोमांस को एक नई पहचान दी। यह फिल्म यश चोपड़ा की सिग्नेचर स्टाइल खूबसूरत लोकेशन्स, इमोशनल ड्रामा और शानदार म्यूजिक का बेहतरीन उदाहरण थी। फिल्म को 8 करोड़ रुपये के बजट में तैयार किया गया था और इसने 27 करोड़ रुपये की जबरदस्त कमाई की थी, जो उस दौर में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
‘चांदनी’ में श्रीदेवी की खूबसूरती, ऋषि कपूर की मासूमियत और विनोद खन्ना की गंभीरता ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। दुर्भाग्यवश, अब ये तीनों कलाकार इस दुनिया में नहीं हैं।
विनोद खन्ना का निधन 2017 में कैंसर से हुआ, श्रीदेवी ने 2018 में दुबई में एक होटल के बाथरूम में अंतिम सांस ली,
और ऋषि कपूर का निधन 2020 में ल्यूकेमिया से हुआ।
इन तीनों सितारों का यूं एक के बाद एक चले जाना सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति रही। ‘चांदनी’ आज भी उन फिल्मों में गिनी जाती है, जो दर्शकों को भावनाओं के गहरे समंदर में डुबो देती है।
फिल्म में वहीदा रहमान, सुषमा सेठ और अनंत महादेवन जैसे सशक्त सहकलाकारों ने भी अहम भूमिका निभाई थी। ‘चांदनी’ के गीत — जैसे “मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां हैं”, “लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है” आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में जगह बनाए हुए हैं।
आईएमडीबी पर इस फिल्म को 10 में से 6.7 की रेटिंग मिली है, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है।
36 साल बाद भी ‘चांदनी’ दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाए हुए है एक ऐसी प्रेम कहानी, जो आज भी जिंदा है, और तीन महान कलाकारों की विरासत, जो हमेशा अमर रहेगी।

