पटना, 10 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल भीतरघातियों पर अब ऐसा ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाने की तैयारी में है, जिसकी आहट से ही कई बड़े नेताओं में खलबली मच गई है। पार्टी ने संगठन को अंदर से खोखला करने वालों पर सर्जिकल स्ट्राइक जैसा कठोर ऐक्शन लेने का फैसला कर लिया है।

सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कई नामचीन चेहरों पर गाज गिरना लगभग तय है। इस पूरे अभियान की कमान पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने खुद संभाल ली है।
चुनाव हार के कारणों की पड़ताल के लिए राजद ने प्रमंडलवार समीक्षा बैठकों का आयोजन किया था, जिनकी अंतिम बैठक मंगलवार को पटना में सम्पन्न हुई। इसके साथ ही प्रदेश, जिला और प्रखंड स्तर तक फैली समीक्षा प्रक्रिया पूरी हो गई। सभी बैठकों में पदाधिकारियों के साथ खुलकर मंथन हुआ और हर क्षेत्र से मिली शिकायतों, कमजोरियों तथा भीतरघात के मामलों को विस्तार से दर्ज किया गया।
राजद की विशेषज्ञ समिति ने विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट तैयार कर उसे प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिया है, जिसे अब लालू प्रसाद यादव के पास भेजा जाएगा। रिपोर्ट में उन नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पहचान स्पष्ट रूप से की गई है, जिन पर चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहने, भीतरघात करने या विपक्ष की सहायता करने के गंभीर आरोप हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू होगी। दोषी पाए गए लोगों को पद से हटाया जा सकता है, प्राथमिक सदस्यता समाप्त की जा सकती है और उन्हें भविष्य की चुनावी जिम्मेदारियों से भी वंचित किया जा सकता है।
पटना प्रमंडल की बैठक में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि कई इलाकों में संगठनात्मक ढीलापन और आंतरिक कलह ने पार्टी को सीधा नुकसान पहुंचाया। नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि अब संगठन में दोगली राजनीति की कोई जगह नहीं। तेजस्वी यादव पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि जनता के भरोसे से खेलने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, जबकि लालू यादव संगठन को पुनः मजबूत करने के लिए कठोर लेकिन जरूरी फैसलों के मूड में हैं।

