पटना, 05 दिसम्बर, (पटना डेस्क) बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा को इस बार अभ्यर्थियों की अभूतपूर्व भीड़ के कारण तीन चरणों में आयोजित करने का बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी चरणों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन इक्विपर्सेंटाइल इक्वेटिंग तकनीक से किया जाएगा, ताकि विभिन्न तिथियों में होने वाली परीक्षाओं के स्कोर में पूर्ण संतुलन बना रहे। परीक्षा 10–11 जनवरी 2026, 12–13 जनवरी 2026 तथा 15–16 जनवरी 2026 को आयोजित होगी।

रिकॉर्ड तोड़ 9.7 लाख से अधिक आवेदन मिलने के बाद आयोग ने आवेदन प्रक्रिया को एक बार फिर खोलने का निर्णय लिया है। जिन अभ्यर्थियों ने पहले आवेदन नहीं किया था, वे 5 दिसंबर से 12 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। हालांकि योग्यता व प्रमाणपत्रों की वैधता वही मानी जाएगी जो 26 सितंबर 2025 की पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि तक मान्य थी।इस भर्ती में कुल 935 पद हैं, जिनमें 374 अनारक्षित, 93 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, 150 अनुसूचित जाति, 10 जनजाति, 168 अत्यंत पिछड़ा वर्ग, 112 पिछड़ा वर्ग तथा 28 पद पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। आवेदन के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की अनिवार्यता रखी गई है। आयु सीमा 1 अगस्त 2025 के आधार पर तय होगी—न्यूनतम 21 वर्ष, अधिकतम 37 वर्ष (अनारक्षित पुरुष), जबकि ओबीसी व ईबीसी तथा अनारक्षित महिलाएं 40 वर्ष और एससी–एसटी अभ्यर्थी 42 वर्ष तक पात्र होंगे।चयन प्रक्रिया में केवल एक लिखित परीक्षा होगी। इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा। परीक्षा में सामान्य भाषा, सामान्य अध्ययन और सामान्य योग्यता—तीन पेपर होंगे। नकारात्मक अंकन में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक काटे जाएंगे। सामान्य भाषा (अंग्रेजी 30, हिन्दी 70) क्वालिफाइंग होगी, जिसमें न्यूनतम 30 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। न्यूनतम अर्हतांक सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत, ओबीसी 36.5, ईबीसी 34 तथा एससी, एसटी, महिलाएं और दिव्यांगों के लिए 32 प्रतिशत निर्धारित हैं।

