समस्तीपुर, 20 नवम्बर (राजेश झा) विधानसभा चुनाव के शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद जिला पुलिस अब अपराध नियंत्रण को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गई है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने सभी एसडीपीओ, डीएसपी और थानाध्यक्षों को दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि चुनावी ड्यूटी के बाद पुलिस की शीर्ष प्राथमिकता जिले में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को पूरी तरह निष्क्रिय करना है। उन्होंने बताया कि जिले में 10 से 15 ऐसे गिरोह चिह्नित हैं, जो वाहन चोरी, लूट, गृहभेदन और मोबाइल स्नैचिंग जैसी घटनाओं में लिप्त रहे हैं। थाना स्तर पर इन गिरोहों की गतिविधियों और मूवमेंट पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।

एसपी ने शराब माफियाओं पर भी सख्त रुख जारी रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि चुनाव के दौरान जिन पर सीसीए लगाया गया था, उस कार्रवाई में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने गंभीर शराब कारोबारियों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया तेज करने और नए सक्रिय तस्करों की सूची तैयार करने को भी कहा, ताकि अवैध शराब नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल केस दर्ज कर देना ही पर्याप्त नहीं है। पुलिस को चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी केस की फॉलो-अप कार्रवाई लगातार करनी चाहिए, ताकि अदालत में मजबूत पैरवी हो सके और अपराधियों को सजा दिलाई जा सके। जिले के लंबित कांडों की समीक्षा कर गंभीर मामलों को प्राथमिकता में शामिल किया गया है। हत्या, फायरिंग और छिनतई जैसे मामलों में शामिल फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाकर छापेमारी तेज कर दी गई है।
एसपी ने बताया कि चुनाव समाप्त होने के बाद अब पुलिस बल को वैज्ञानिक तरीकों से मामलों के उद्भेदन पर केंद्रित किया गया है। तकनीकी सेल, सर्विलांस टीम और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। आने वाले दिनों में कई मामलों के खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

