नई दिल्ली, 26 सितंबर (अशोक “अश्क”) अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के संबंधों में नए समीकरण बनने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से इस बैठक को लेकर कोई आधिकारिक तस्वीर या वीडियो जारी न किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।

अमेरिकी प्रोटोकॉल के अनुसार, राष्ट्रपति की विदेशी नेताओं के साथ होने वाली बैठकों की तस्वीरें या वीडियो आमतौर पर सार्वजनिक किए जाते हैं। हाल ही में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन के साथ ट्रंप की बैठक के दौरान संयुक्त प्रेस वार्ता भी आयोजित की गई थी। लेकिन इस बार ट्रंप, शरीफ और मुनीर की मुलाकात को लेकर अमेरिकी प्रशासन की चुप्पी संशय को और गहरा कर रही है।
इस बैठक की जानकारी सबसे पहले पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स से सामने आई। पाक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल थे। पाक पीएमओ ने दावा किया कि चर्चा सकारात्मक माहौल में हुई और दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की।
पाकिस्तानी पक्ष के अनुसार, बैठक प्रेस के लिए बंद रखी गई थी। इसके अलावा, पीएमओ ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करने में देरी के कारण बैठक करीब 30 मिनट बाद शुरू हुई। व्हाइट हाउस प्रेस पूल द्वारा जारी की गई कुछ तस्वीरों में शरीफ और मुनीर को इंतजार करते हुए देखा गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बैठक वास्तव में हुई, लेकिन उस पर अब तक अमेरिकी पक्ष की कोई टिप्पणी नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गोपनीय मुलाकात के पीछे रणनीतिक या राजनीतिक कारण हो सकते हैं, खासकर जब पाकिस्तान में चुनाव नज़दीक हैं और अमेरिका में भी 2024 के चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि और पारदर्शिता के अभाव में यह बैठक चर्चा और विवाद दोनों का विषय बन गई है।

