पटना, 5 सितम्बर (अशोक “अश्क”) राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने शुक्रवार को पटना के मिलर हाई स्कूल मैदान में आयोजित “संवैधानिक अधिकार-परिसीमन सुधार महारैली” के माध्यम से अपने महाअभियान का चौथा शंखनाद किया। इससे पहले यह रैली विक्रमगंज, मुजफ्फरपुर और गया में आयोजित की जा चुकी है। महारैली में बिहार के सभी 38 जिलों से हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

कुशवाहा ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और अपने संबोधन में तेजस्वी यादव के डांस वीडियो पर तंज कसते हुए कहा, “गंगा किनारे डांस करने से कोई मुख्यमंत्री नहीं बन जाता, अगर ऐसा होता तो भारत का सबसे बड़ा डांसर देश का प्रधानमंत्री होता।” उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और छवि बनाए रखना जरूरी है।
कुशवाहा ने कहा कि यह रैली शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार और परिसीमन सुधार की मांग को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रैली का आगामी विधानसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर मुझे पटना में शक्ति प्रदर्शन करना होता, तो गांधी मैदान भी छोटा पड़ जाता।”
उन्होंने कहा कि जगदेव बाबू की विरासत को वही लोग आगे बढ़ा सकते हैं, जिनके लिए उन्होंने अपनी शहादत दी थी। उन्होंने खुद को उस विरासत का वाहक बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनहित के मुद्दों को उठाया है।
कुशवाहा ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी 25 सूत्रीय मांग में से अधिकांश को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, “हमने वाल्मिकीनगर के राजनीतिक मंथन शिविर में 14 सूत्रीय मांग रखी थी, जिसमें से 4 मांगें पहले ही पूरी हो चुकी हैं।”
उन्होंने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सीमा 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने और जातीय जनगणना जैसे मुद्दों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल की सराहना की।
कुशवाहा ने कहा कि उनकी पार्टी का नारा है “जय किसान, जय नौजवान”, और वे किसानों तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सदैव प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सामाजिक न्याय की बात करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव के खिलाफ है।
सभा की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी ने की और संचालन आलोक कुमार सिंह, प्रशांत पंकज तथा कपिल कुमार ने संयुक्त रूप से किया। स्वागत भाषण रामेश्वर महतो ने दिया।
सभा में कई प्रमुख नेताओं ने भी संबोधन किया, जिनमें माधव आनंद, रणविजय सिंह, जीतेन्द्र नाथ पटेल, फजल इमाम मल्लिक, रेखा गुप्ता, आर. के. सिन्हा, स्मृति कुमुद, सुभाष चंद्रवंशी आदि शामिल थे। अंत में पटना महानगर अध्यक्ष खुर्शीद अहमद ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कुशवाहा ने अंत में अपील की कि बिहार की जनता इस लड़ाई में उनका साथ दे ताकि उत्तर भारत को भी उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल सके।

