नई दिल्ली, 25 सितम्बर (अशोक “अश्क) भारत के करीबी माने जाने वाले सऊदी अरब और उसके पड़ोसी और विरोधी देश पाकिस्तान ने हाल ही में एक ऐतिहासिक रक्षा समझौता किया है, जिसे दक्षिण एशिया की राजनीति में गेम चेंजर बताया जा रहा है। इस समझौते के तहत यदि किसी एक देश पर हमला होता है, तो दूसरा देश इसे अपने ऊपर हमला मानकर जवाब देगा। इस घोषणा ने भारत की रणनीतिक चिंताओं को बढ़ा दिया है।

दक्षिण एशियाई मामलों के जानकार माइकल कुगलमैन ने इस समझौते को बेहद अहम करार देते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान को मध्य पूर्व के सुरक्षा ढांचे में औपचारिक रूप से जगह मिल गई है। कुगलमैन ने कहा, “यह भारत के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति है क्योंकि मध्य पूर्व भारत के रणनीतिक हितों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।”
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह समझौता भारत और सऊदी अरब के रिश्तों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “सऊदी अरब के भारत के साथ मजबूत और स्थिर संबंध हैं। भले ही वह पाकिस्तान के साथ एक रक्षा समझौता कर रहा है, लेकिन वह यह सुनिश्चित करेगा कि इससे भारत के साथ उसके रिश्तों में कोई दरार न आए।”
कुगलमैन ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों के तनाव को देखते हुए, यह समझौता भारत के लिए चिंताजनक है, खासकर तब जब पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर भारत की पहले से ही गहरी चिंताएं रही हैं।
उन्होंने पाकिस्तान की कूटनीतिक नीति पर भी रोशनी डाली और बताया कि पाकिस्तान ने हाल के वर्षों में चीन, अमेरिका, तुर्की और अब खाड़ी देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत किए हैं। कुगलमैन ने कहा, “अब जब सऊदी अरब जैसे देश पाकिस्तान के सुरक्षा ढांचे का हिस्सा बन रहे हैं, तो भारत को अपनी रणनीतिक योजना में बदलाव करने की जरूरत हो सकती है।”
कुगलमैन ने यह भी कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में फिर से गर्मजोशी आना भी भारत के लिए एक संकेत है। उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की वॉशिंगटन यात्रा और संभावित रूप से डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात को एक बड़ा संकेत बताया। उन्होंने कहा, “अगर यह मुलाकात होती है, तो यह दर्शाता है कि पाकिस्तान-अमेरिका रिश्ते फिर से गति पकड़ रहे हैं, जो अमेरिका-भारत संबंधों में एक तनाव का बिंदु बन सकता है।”
भारत की नजर अब इस पर टिकी है कि आने वाले महीनों में यह सऊदी-पाकिस्तान रक्षा गठबंधन किस तरह आकार लेता है और इसका क्षेत्रीय संतुलन पर क्या असर पड़ता है।

