समस्तीपुर, 13 सितम्बर (राजेश झा) जिले के खानपुर प्रखंड अंतर्गत ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम (RRSMP) की फाइलों में एक बड़ा खेल सामने आया है। डेकारी सत्य प्रकाश सिंह के घर से गायत्री चौक तक 1.250 कि.मी. लंबी सड़क (पैकेज सं. RRSMP/24-25 SAMASTIPUR 102) के लिए 71.734 लाख रुपये का प्राक्कलन पास किया गया है।
लेकिन हैरत की बात यह है कि काम की शुरुआत की तारीख 27 जून 2026 दर्ज है और काम की समाप्ति की तारीख 26 जून 2026 – यानी काम शुरू होने से पहले ही खत्म कर दिया गया!

अब सवाल यह है कि क्या यह सड़क टाइम मशीन से बनी है या फिर यह सब कागज़ी खेल है?
कार्यकारी एजेंसी कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, समस्तीपुर की इस अद्भुत लापरवाही ने पूरे तंत्र की पोल खोल दी है।
स्थानीय लोग तंज कस रहे हैं:
“अगर सड़क समय से पहले बन सकती है तो फिर समस्तीपुर ही नहीं, पूरे बिहार को वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में डाल देना चाहिए।”
“लगता है ठेकेदार और विभाग वाले सड़क नहीं, जनता के साथ तारीखों का खेल खेल रहे हैं।”
“यह सड़क नहीं, टाइम मशीन है, जो भविष्य से होकर वर्तमान में लौट आई है।”
“लगता है इंजीनियर और ठेकेदार अब विज्ञान के भी गुरु बन गए हैं।”
“अगर यही गति रही तो समस्तीपुर में मंगल ग्रह तक की सड़क भी अगले साल बन जाएगी।”
संवेदक राम सागर राय एंड कंपनी का नाम इसमें दर्ज है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि जब काम की शुरुआत ही नहीं हुई तो फाइलों में समापन कैसे कर दिया गया?
यह मामला दिखाता है कि ग्रामीण कार्य विभाग की कार्यप्रणाली कितनी बेतरतीब और कागज़ी है। सरकार और प्रशासन को तुरंत इस गड़बड़ी की जांच करनी चाहिए, वरना आने वाले दिनों में जनता का भरोसा सड़कों की तरह ही दरकने लगेगा।
ग्रामीण कार्य विभाग की इस कारस्तानी ने साबित कर दिया है कि समस्तीपुर में विकास नहीं, समय यात्रा चल रही है। जनता सड़क के गड्ढों में उलझी है, और फाइलों में सड़कें पहले ही पूरी हो रही हैं।

