समस्तीपुर, 30 सितम्बर (मोहम्मद जमशेद) ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा जारी हालिया अधिसूचना में समस्तीपुर के कॉलेजों को स्नातकोत्तर (PG) में उर्दू विषय की अनुमति नहीं दी गई है, जिससे उर्दू प्रेमियों और छात्रों में भारी असंतोष है।
समस्तीपुर शहर और उपनगरों में मुस्लिम आबादी अधिक होने के बावजूद, यहां के कॉलेजों में उर्दू की उपेक्षा करना छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है। बड़ी संख्या में मुस्लिम छात्राएं उर्दू को प्राथमिकता देती हैं, लेकिन PG की सुविधा न होने से उन्हें दरभंगा या बेगूसराय जैसे दूरस्थ शहरों में जाना पड़ता है।

अभिभावकों की चिंता सुरक्षा और दूरी को लेकर बढ़ गई है, जिसके कारण कई छात्राएं या तो पढ़ाई छोड़ रही हैं या विषय बदलने को मजबूर हैं।
समस्तीपुर कॉलेज के उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. मुहम्मद सफवान सफवी ने विश्वविद्यालय के फैसले को “क्रूर और उर्दू विरोधी मानसिकता का परिणाम” बताया। उन्होंने इसे उर्दू को खत्म करने की साजिश बताते हुए कहा कि अब भी उर्दू प्रेमी नहीं जागे, तो यह भाषा दबा दी जाएगी।
समय रहते इस निर्णय पर पुनर्विचार की ज़रूरत है।

