
गोपालगंज, 20 जनवरी (टीएन मिश्रा) समृद्धि यात्रा के चौथे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गोपालगंज के बरौली हाई स्कूल मैदान में पहुंचे । जहां आयोजित विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को कुल 325.48 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। इसमें 131.44 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण योजनाओं का उद्घाटन तथा 194.04 करोड़ रुपये की नई योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले प्रखंड कार्यालय परिसर में जीविका दीदियों सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक स्टॉलों का निरीक्षण किया और उनके कार्यों की सराहना की। इसके बाद वे सभा स्थल पर पहुंचे। सभा को संबोधित करते हुए मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि इस बार के चुनाव में महिलाओं ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कार्यकाल आगे बढ़ा है, वैसे-वैसे उनकी लोकप्रियता भी बढ़ी है।“2005 से पहले बिहार की स्थिति क्या थी, सब जानते हैं” -नीतीश कुमारमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में 2005 से पहले और बाद के बिहार की तुलना करते हुए कहा कि पहले लोग शाम ढलते ही घर से निकलने से डरते थे।

समाज में विवाद, दंगे और अव्यवस्था आम बात थी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली की स्थिति बेहद खराब थी।उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार आने के बाद कानून का राज स्थापित हुआ और हर क्षेत्र में सुधार हुआ।”रोजगार को लेकर बड़ा दावामुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 में सरकार ने 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का वादा किया था।अब तक 10 लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं40–50 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका हैउन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार व नौकरी सुनिश्चित की जाएगी। महिला सशक्तिकरण में बिहार अग्रणीमुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी—2006 में पंचायती राज संस्थाओं में 50% आरक्षण2013 में पुलिस बल में 35% आरक्षण2016 में सभी सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षणआज बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या देश में सबसे अधिक है।

उन्होंने बताया कि जीविका योजना की शुरुआत 2006 में हुई थी, जिससे आज 1 करोड़ 40 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं।सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा में ऐतिहासिक सुधारमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर सड़कों, पुल-पुलियों, बाइपास और एलिवेटेड रोड का निर्माण हुआ है। पहले राज्य के दूरस्थ इलाकों से पटना पहुंचने में 8–10 घंटे लगते थे, जो अब 5 घंटे में संभव हो गया है।स्वास्थ्य क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि—पहले PHC में महीने में औसतन 39 मरीज आते थे-अब यह संख्या 11,600 मरीज प्रति माह हो गई हैमेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 12 हो गई हैशेष 27 जिलों में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जारी हैपीएमसीएच को 5,400 बेड का और आईजीआईएमएस को 3,000 बेड का बनाया जा रहा है-शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलावमुख्यमंत्री ने बताया कि—2006 से अब तक 3.68 लाख नियोजित शिक्षकों की बहाली हुई2023 से बीपीएससी के माध्यम से 2.58 लाख सरकारी शिक्षक नियुक्त हुएअब तक 2.66 लाख नियोजित शिक्षक परीक्षा पास कर सरकारी शिक्षक बन चुके हैंकुल सरकारी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 5.24 लाख हो गई हैप्रधानमंत्री के सहयोग की सराहनामुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार से बिहार को निरंतर सहयोग मिल रहा है। सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार का योगदान सराहनीय है।

