
पटना, 01 मार्च (अविनाश कुमार) बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब मोतिहारी का मोस्ट वांटेड क्रिमिनल और राष्ट्रीय जनता दल (राष्ट्रीय जनता दल) से जुड़ा नेता देवा गुप्ता को स्पेशल टास्क फोर्स (स्पेशल टास्क फोर्स) ने नाटकीय अंदाज़ में गिरफ्तार कर लिया। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब महज़ कुछ घंटों बाद ही उसे रिहा कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस महकमे से लेकर सत्ता के गलियारों तक हलचल मचा दी है।

गुप्त सूचना के आधार पर STF की टीम ने पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 301 और 303 पर छापा मारा। यहीं से 1 लाख के इनामी और 28 गंभीर मामलों में वांछित देवा गुप्ता को हिरासत में लिया गया। देवा गुप्ता, मोतिहारी की मेयर प्रीति कुमारी के पति और RJD नेता तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं।इत्तेफाक देखिए, जिस दिन गिरफ्तारी हुई, उसी दिन देवा अपनी शादी की सालगिरह मना रहा था। गिरफ्तारी से करीब आठ घंटे पहले उसने फेसबुक पर पत्नी संग तस्वीर साझा करते हुए लिखा था, “तुम सिर्फ मेरी पत्नी नहीं, मेरा गर्व और सम्मान हो।”

जश्न का माहौल अचानक पुलिस रेड में बदल गया।देवा गुप्ता पर हत्या, लूट, रंगदारी और जमीन कब्जाने जैसे 28 संगीन आरोप दर्ज हैं। वह मोतिहारी पुलिस की टॉप-100 हिट लिस्ट में शामिल है। हालांकि गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे छोड़ने की वजह पटना हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश बताया जा रहा है। देवा के वकील नीलांजन चटर्जी के अनुसार, 24 दिसंबर 2025 को पिटीशन नंबर 3330/2025 पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी और जबरन कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।अब सवाल उठ रहा है—क्या कानून का डर खत्म हो गया है या सियासत ने फिर बाजी मार ली? बिहार की राजनीति में यह मामला आने वाले दिनों में बड़ा तूफान खड़ा कर सकता है।

