
पटना,सेंट्रल डेस्क:-15 अप्रैल:-बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक पकड़ मजबूत रखने के संकेत देते हुए अपने पास कुल 29 महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं। इनमें सामान्य प्रशासन,गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी और निर्वाचन जैसे अहम विभाग शामिल हैं। सरकार के इस फैसले को सत्ता संचालन में केंद्रीकृत नियंत्रण और तेज निर्णय प्रक्रिया की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
🔷 सीएम सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास जो प्रमुख विभाग हैं,उनमें शामिल हैं:
सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भू-तत्व, नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग, पथ निर्माण, कृषि, लघु जल संसाधन, श्रम संसाधन, युवा एवं कौशल विकास, पर्यटन, कला-संस्कृति, पशु संसाधन, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण, सूचना प्रौद्योगिकी, खेल, सहकारिता, पर्यावरण-वन एवं जलवायु परिवर्तन, गन्ना उद्योग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण और पंचायती राज।
🔷 उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को 10 विभाग
विजय कुमार चौधरी को सरकार के कई अहम और विकास से जुड़े विभाग सौंपे गए हैं। उनके जिम्मे जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जनसंपर्क, भवन निर्माण,अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा,विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास,परिवहन और उच्च शिक्षा जैसे विभाग दिए गए हैं।
इन विभागों के जरिए राज्य के बुनियादी ढांचे और शिक्षा क्षेत्र को गति देने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।
🔷 उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को 8 विभाग
विजेंद्र प्रसाद यादव को वित्तीय और आर्थिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। उनके पास ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य-कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण और ग्रामीण कार्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विभागों के जरिए राज्य की आर्थिक नीतियों और सामाजिक योजनाओं को दिशा मिलेगी।
🔷 सरकार का स्पष्ट संदेश
नई सरकार के इस विभागीय बंटवारे से साफ है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथ में रखते हुए मजबूत नेतृत्व का संकेत दिया है। वहीं, दोनों उपमुख्यमंत्रियों को भी विकास और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े अहम विभाग देकर संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। बिहार की नई सरकार अब पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है और आने वाले दिनों में नीतिगत फैसलों और विकास कार्यों की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

