
समस्तीपुर, 10 फरवरी (समस्तीपुर डेस्क) जिले के विद्यालयों को आपदा के प्रति पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन समन्वय समिति की अहम बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम (सुरक्षित शनिवार) के तहत संचालित गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई।

डीएम ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सबसे पहले जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद जिले के प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति का शत-प्रतिशत गठन अनिवार्य रूप से कराया जाए। उन्होंने कहा कि हर स्कूल में दो-दो नोडल शिक्षक नामित हों और उनका पूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी विद्यालयों में विद्यालय आपदा प्रबंधन योजना (स्कूल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान) तैयार करना अनिवार्य होगा। उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने अनुमंडलवार नोडल शिक्षकों की पहचान कर शीघ्र प्रशिक्षण शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित शनिवार से जुड़ी सभी गतिविधियों का प्रतिवेदन ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है।

बैठक में यूनिसेफ के आपदा जोखिम न्यूनीकरण विशेषज्ञ राजीव कुमार, डॉ. पल्लव कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरीय सलाहकार अशोक कुमार शर्मा और राज्य मास्टर ट्रेनर सुभीत कुमार सिंह ने जिले में कार्यक्रम की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रेम शंकर झा और समन्वयक हरिश्चंद्र राम ने उपलब्धियों व आगे की कार्ययोजना रखी।डीएम ने एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग को स्कूलों में भूकंप, आग और बाढ़ से संबंधित मॉक ड्रिल नियमित कराने का निर्देश दिया। बैठक के अंत में उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन का आदेश दिया। मौके पर सिविल सर्जन, अग्निशमन व एसडीआरएफ के अधिकारी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

