समस्तीपुर, 15 अक्तूबर (निज संवाददाता) अब कोई भी राजनीतिक पार्टी या उम्मीदवार सोशल मीडिया पर मनमाने तरीके से प्रचार नहीं कर सकेगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम, यूट्यूब या किसी भी इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर कोई भी राजनीतिक विज्ञापन डालने से पहले मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमिटी (MCMC) की पूर्व मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने सभी दलों और उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि नामांकन के समय उन्हें अपने सभी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा जिला और राज्य स्तर पर गठित MCMC कमेटियां सभी राजनीतिक विज्ञापनों की जांच करेंगी।
आयोग ने यह भी तय किया है कि चुनाव संपन्न होने के 75 दिनों के भीतर सभी दलों और उम्मीदवारों को सोशल मीडिया प्रचार से जुड़े खर्च का विस्तृत ब्यौरा देना होगा। इसमें विज्ञापन, कंटेंट निर्माण, सोशल मीडिया प्रबंधन और प्रचार अभियान से जुड़े सभी खर्च शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोग ने पेड न्यूज पर भी कड़ी नजर रखने और संदिग्ध मामलों में सख्त कार्रवाई की बात कही है।
वहीं बिहार में दूसरे चरण के चुनाव की तैयारियां तेज हैं। 20 जिलों के 122 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान को लेकर 53,806 बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और 57,746 वीवीपैट मशीनों का पहला रैंडमाइजेशन पूरा कर लिया गया है।

