
पूर्णिया:-16 अगस्त (राजेश कुमार झा) बिहार में चुनावी सरगर्मी शुरू होते ही कुछ विधानसभा क्षेत्रों की खास चर्चा होने लगती है। इनमें धमदाहा विधानसभा क्षेत्र का नाम मुख्य रूप से लिया जाता है। यह वो क्षेत्र है जिसे लेकर सभी राजनीतिक दलों के रणनीतिकार गहन मंथन में लग जाते हैं। हर पार्टी की नजर इस सीट पर टिकी होती है कि आखिर कौन ऐसा उम्मीदवार होगा जो धमदाहा की किलेबंदी को भेद सके और यहां से जीत दर्ज कर सके।
बिफोरप्रिंट डिजिटल की टीम इस बार पूरे बिहार के विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी चौपाल कार्यक्रम के तहत पहुंच रही है, जहां आम जनता से संवाद कर वर्तमान विधायकों के प्रदर्शन पर सीधी राय ली जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम धमदाहा विधानसभा क्षेत्र पहुंची, जहां का राजनीतिक इतिहास कई बार से एक ही चेहरे को सिरमौर बनाता रहा है और वह चेहरा है लेसी सिंह। धमदाहा की जनता के साथ बातचीत में यह बात बार-बार सामने आई कि उन्होंने अपने क्षेत्र में बीते वर्षों में जिस विकास को महसूस किया है, उसका श्रेय सीधा-सीधा लेसी सिंह को जाता है। जनता ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर लेसी सिंह ने ठोस काम किया है। यही कारण है कि लोग उन्हें लगातार अपना समर्थन देते आए हैं। जनता का कहना है कि हर चुनाव में लेसी सिंह को हराने की साजिश रची जाती है, लेकिन वे सभी साजिशें आखिरकार नाकाम साबित होती हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि लेसी सिंह न केवल एक विधायक के रूप में बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी सक्रिय रही हैं, जिन्होंने हर वर्ग, हर समुदाय तक अपनी पहुंच बनाई है। हमारी टीम ने धमदाहा की कई पंचायतों में जाकर जमीनी स्तर पर जनमानस की नब्ज टटोलने की कोशिश की। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, महिलाओं से लेकर किसानों तक — लगभग हर वर्ग ने लेसी सिंह के पक्ष में एकजुटता दिखाई। लोगों का मानना है कि चाहे कोई भी राजनीतिक पार्टी कितना भी ताकतवर उम्मीदवार उतार दे, लेसी सिंह की लोकप्रियता को चुनौती देना आसान नहीं है।
चुनावी चौपाल में कुछ मतदाताओं ने कहा, लेसी सिंह ने गांव में सड़क बनवाई, नल-जल योजना के तहत हर घर में पानी पहुंचाया, महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह शुरू करवाए। फिर हम क्यों किसी और को वोट दें? धमदाहा में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि यहां की राजनीति केवल जातीय समीकरण या पार्टी लाइन से नहीं चलती, बल्कि विकास और व्यक्तिगत जुड़ाव की बुनियाद पर खड़ी है। हालांकि चुनाव में जीत की गारंटी कभी नहीं होती, लेकिन जिस तरह से धमदाहा की जनता लेसी सिंह के साथ खड़ी नजर आ रही है, यह कहना गलत नहीं होगा कि इस बार भी मुकाबला उनके खिलाफ आसान नहीं होगा। बिफोरप्रिंट डिजिटल की चुनावी चौपाल यात्रा में धमदाहा से मिल रही यह मजबूत आवाज निश्चित रूप से राज्य की राजनीति में एक अहम संदेश दे रही है कि विकास और विश्वास का मेल ही सबसे बड़ा चुनावी हथियार है।

