
गोपालगंज,निज संवाददाता। जिले में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम स्वास्थ्य विभाग ने उठाया है।स्वास्थ्य विभाग की पहल पर सेवलाइफ फाउंडेशन व आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के सहयोग और स्वास्थ्य विभाग के साथ साझेदारी में एनएच-27 के गोपालगंज- कोटवा खंड पर स्थित कुचायकोट सीएचसी में ट्रॉमा केयर संसाधनों को अपग्रेड कर इसे और सशक्त बनाया गया है। इस पहल से अब राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को ‘गोल्डन आवर’ के भीतर जीवन रक्षक उपचार मिल सकेगा। यह पहल जीरो फैटैलिटी सॉल्यूशंस जेडीएफएस प्रोग्राम के तहत की गई है,जिसका उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को समय पर प्रभावी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके तहत सीएचसी कुचायकोट में एयरवे मैनेजमेंट,सांस लेने में सहायता,रक्तस्राव नियंत्रण के साथ मरीजों को स्थिर करने के लिए जरूरी आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। बेहतर सुविधाओं के साथ इस स्वास्थ्य केंद्र को ट्रॉमा स्टैबलाइजेशन सेंटर के रूप में मजबूत किया गया है,जिससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय अस्पतालों में रेफर किया जा सकेगा। बता दें कि एनएच-27 जैसे व्यस्त व दुर्घटना संभावित राजमार्ग पर यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समय पर सही उपचार मिलने से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु एवं स्थायी अपंगता के मामलों में कमी आएगी और घायलों को बचने की संभावना बढ़ेगी। कुचायकोट के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्याम सुंदर ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे होने के कारण यहां अक्सर ट्रॉमा के मरीज आते हैं,जिन्हें तत्काल उपचार की जरूरत होती है। ट्रॉमा केयर उपकरणों से अपग्रेड होने के बाद मरीजों को समय पर स्थिर करने और सटीक उपचार देने की क्षमता बढ़ेगी,जिससे उनकी जान बचाने में काफी मदद मिलेगी।-ससमय उचित उपचार मिलने से गंभीर रूप से घायलों को मिलेगी राहतसेवलाइफ फाउंडेशन के फाउंडर सीईओ पीयूष तिवारी ने बताया कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोग समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे में दुर्घटना संभावित स्थानों पर मजबूत ट्रॉमा केयर व्यवस्था तैयार करना जरूरी है। कुचायकोट सीएचसी को अपग्रेड करने का उद्देश्य से ‘गोल्डन आवर’ में मरीजों को तत्काल स्टैबलाइज कर उनकी जान बचाना है। स्वास्थ्य विभाग से मिले सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि जीरो फैटलिटी सॉल्यूशंस प्रोग्राम के माध्यम से सड़क दुर्घटना के हर चरण में जान बचाने की मजबूत व्यवस्था तैयार की जा रही है।इस पहल से गोपालगंज जिले में ट्रॉमा केयर सिस्टम और अधिक मजबूत होगा तथा एनएच-27 पर दुर्घटना पीड़ितों को समय पर इलाज मिल सकेगा, जिससे सड़क सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

