राजगीर, 8 सितम्बर (अशोक “अश्क”) हॉकी एशिया कप 2025 के फाइनल में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने साउथ कोरिया को 4-1 के बड़े अंतर से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह भारत का चौथा एशिया कप खिताब है और इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने 2026 में बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले हॉकी विश्व कप के लिए क्वालिफाई भी कर लिया है।

राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। मैच के पहले ही मिनट में सुखजीत सिंह ने शानदार गोल करते हुए भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। पहले क्वार्टर के बाद भारत की यह बढ़त कायम रही। दूसरे क्वार्टर में भारत ने एक और गोल किया और हाफ टाइम तक स्कोर 2-0 हो गया।
साउथ कोरिया ने कई मौकों पर आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन भारतीय डिफेंस उनके हर हमले को नाकाम करता रहा। तीसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में भारत ने एक और गोल किया और स्कोर 3-0 कर दिया। चौथे क्वार्टर में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे रोहिदास ने गोल में तब्दील कर टीम को 4-0 की मजबूत बढ़त दिलाई। हालांकि, इसी क्वार्टर में दक्षिण कोरिया ने भी एक गोल किया, लेकिन तब तक भारत की पकड़ मजबूत हो चुकी थी।
आखिरी मिनटों में भारतीय टीम ने डिफेंसिव रणनीति अपनाई और विपक्षी टीम को आगे बढ़ने से रोका। अंततः भारत ने मुकाबला 4-1 से जीतकर एशिया कप ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बिहार के राजगीर में आयोजित एशिया कप 2025 में शानदार जीत के लिए हमारी पुरुष हॉकी टीम को बधाई। यह जीत इसलिए और भी खास है क्योंकि उन्होंने गत विजेता दक्षिण कोरिया को हराया है! यह भारतीय हॉकी और भारतीय खेलों के लिए गौरव का क्षण है।”
गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी टीम को शुभकामनाएं दीं। प्रियंका गांधी ने लिखा कि यह पूरे देश के लिए गर्व और खुशी का क्षण है।
जीत के बाद भारतीय मिडफील्डर हार्दिक सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य स्पष्ट था—विश्व कप के लिए क्वालिफाई करना और एशिया में अपना दबदबा दिखाना। हमने दिखा दिया कि हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं।”
हॉकी इंडिया ने टीम की इस ऐतिहासिक जीत पर सभी खिलाड़ियों को ₹3 लाख और सहयोगी स्टाफ को ₹1.5 लाख का इनाम देने की घोषणा की है। इससे पहले भारत ने 2017 में मलेशिया को हराकर एशिया कप जीता था।
भारत की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हॉकी में देश का दबदबा कायम है।

