समस्तीपुर, 10 नवम्बर (समस्तीपुर डेस्क) भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली में व्यापक बदलाव करते हुए इसे अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। अब यात्री केवल अपने वैध पहचान पत्र से ही टिकट बुक कर सकेंगे और एक मोबाइल नंबर से अधिकतम दो तत्काल टिकट ही बुक किए जा सकेंगे। फर्जी बुकिंग पर रोक लगाने के लिए आईडी वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि तत्काल बुकिंग का समय पहले की तरह ही रहेगा — एसी क्लास के लिए सुबह 10 बजे और स्लीपर क्लास के लिए 11 बजे — लेकिन अब सर्वर पर कतार प्रणाली और भी सख्त होगी। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य दलालों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना और आम यात्रियों को समान अवसर प्रदान करना है।
2025 के नए नियमों के तहत तत्काल टिकट अब केवल कुछ विशेष श्रेणियों के यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगे, जिनमें सरकारी कर्मचारी, मरीज, रक्षा कर्मी और छात्र शामिल हैं। आम यात्रियों के लिए तत्काल कोटा सीमित कर दिया गया है ताकि आवश्यक यात्राओं को प्राथमिकता दी जा सके। रेलवे बोर्ड ने बताया कि यह निर्णय यात्रियों की बढ़ती शिकायतों के बाद लिया गया है, जब पाया गया कि तत्काल टिकटों की बड़ी संख्या एजेंटों द्वारा खरीदी जा रही थी। अब ‘प्राथमिकता सूची’ तैयार की जाएगी जिससे केवल पात्र यात्री ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
तकनीकी स्तर पर भी रेलवे ने प्रणाली को उन्नत किया है। अब टिकट बुकिंग के दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और ओटीपी आधारित पुष्टि आवश्यक होगी, जिससे एक व्यक्ति द्वारा कई टिकट बुक करने की समस्या खत्म होगी। रेलवे की वेबसाइट और मोबाइल ऐप में जोड़े गए ‘स्मार्ट बुकिंग सिस्टम’ के जरिए यात्री की पिछली बुकिंग हिस्ट्री और यात्रा के उद्देश्य के आधार पर प्राथमिकता तय होगी।
इन नए नियमों से यात्रियों को कई लाभ मिलेंगे— एजेंटों का प्रभाव घटेगा, जरूरी यात्राओं को प्राथमिकता मिलेगी और बुकिंग प्रक्रिया अधिक सुरक्षित व पारदर्शी बनेगी। रेलवे को उम्मीद है कि इन बदलावों से तत्काल टिकट बुकिंग में गड़बड़ियों पर पूर्ण विराम लगेगा और आम यात्रियों को निष्पक्ष अवसर मिलेगा।

