पटना (अशोक “अश्क”) इस बार दशहरा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों पर यात्रियों को ट्रेन टिकट की किल्लत से राहत देने के लिए रेलवे ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड ने रिकॉर्ड संख्या में स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है, जिससे त्योहारों के दौरान यात्रा करना पहले से कहीं आसान होगा।

टिकटों की भारी डिमांड को देखते हुए रेलवे ने पहले से ही रिकॉर्ड संख्या में कोच जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे समेत सभी ज़ोनल रेलवे से यह जानकारी मांगी थी कि उनके पास रिजर्व में कितनी बोगियां हैं। बोर्ड के निर्देश पर एनईआर ने 280 रिजर्व कोच की सूची सौंप दी है। इन कोचों से रेक तैयार कर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बंगलुरु जैसे बड़े शहरों के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी।
हर साल त्योहारों के दौरान खासतौर पर गोरखपुर रूट पर भीड़ असहनीय स्तर तक बढ़ जाती है। प्लेटफॉर्मों पर चलना मुश्किल हो जाता है और कई बार भगदड़ जैसे हालात बन जाते हैं। इसे देखते हुए इस बार गोरखपुर जंक्शन पर पैसेंजर होल्डिंग एरिया बनाए जाने का निर्णय लिया गया है, ताकि यात्री प्लेटफॉर्म पर भीड़ न बढ़ाएं और आराम से अपनी ट्रेन का इंतजार कर सकें।
त्योहारों में घर लौटने की होड़ अभी से शुरू हो गई है। दीपावली 20 अक्टूबर को है, लेकिन 5 से 19 अक्टूबर तक दिल्ली और मुंबई से चलने वाली ज्यादातर ट्रेनों में अब सीटें नहीं बची हैं। स्थिति यह है कि कई ट्रेनों में अभी से * “नो-रूम” का स्टेटस दिख रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को हो रही है, जिन्हें सीट न मिलने पर मजबूरी में बस या फ्लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है।
छठ पूजा 28 अक्टूबर को है और इन दोनों त्योहारों के बीच प्रवासियों का घर लौटना आम बात है। हर साल लाखों लोग इन अवसरों पर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बंगलुरु जैसे शहरों से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार लौटते हैं।
रेलवे की यह तैयारी इस बार त्योहारों में सफर को पहले से कहीं आसान और सुगम बना सकती है। उम्मीद है कि स्पेशल ट्रेनों की संख्या से ना सिर्फ भीड़ कम होगी, बल्कि यात्रियों को टिकट की मारामारी से भी राहत मिलेगी।

