
पटना, 18 जनवरी (पटना डेस्क) शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा के साथ कथित गैंगरेप मामले में अब पीड़िता की मां का दर्दनाक बयान सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और सनसनीखेज बना दिया है। मां ने पत्रकारों और पुलिस के सामने खुलासा किया कि उनकी बेटी ने मरने से पहले हॉस्टल में हुई दरिंदगी की कहानी इशारों में बता दी थी। पीड़िता की मां ने बताया कि छह जनवरी को उनकी बेटी पूरे दिन बेहोश रही, लेकिन रात में उसे होश आया।

सात जनवरी को भी वह होश में थी। मां ने अपनी मगही भाषा में पूछा—“का होलउ हे बेटी, तोरा साथ कोई गलत करलउ हे का?” यह सुनते ही छात्रा ने सिर हिलाया और रोने लगी। मां का आरोप है कि जब वे बयान रिकॉर्ड करना चाहती थीं, तब अस्पताल प्रशासन ने जबरन सभी को बाहर कर दिया। मां और मामा का कहना है कि सात और आठ जनवरी की देर रात तक छात्रा होश में थी, लेकिन डॉक्टर मिलने नहीं दे रहे थे। इस दौरान गर्ल्स हॉस्टल की एक संचालिका द्वारा पैसा देकर मामला दबाने का दबाव बनाया गया।

इसकी शिकायत नौ जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाने में की गई, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई।पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि प्रभात मेमोरियल अस्पताल की नर्स और जूनियर डॉक्टर ने स्पष्ट कहा था कि बच्ची के साथ कुछ गलत हुआ है और तुरंत अस्पताल बदलने की सलाह दी। बावजूद इसके डिस्चार्ज नहीं किया गया। आठ जनवरी की रात छात्रा के कोमा में जाने के बाद आनन-फानन में डिस्चार्ज कर कंकड़बाग के अस्पताल ले जाया गया, जहां 12 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया। मामला अब पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहा है।

