
पटना, 25 जनवरी (पटना डेस्क) बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का ऐलान करते हुए राष्ट्रीय जनता दल ने अपने भविष्य की दिशा तय कर दी है। राजधानी पटना के होटल मौर्य में आयोजित RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपनी राजनीतिक विरासत औपचारिक रूप से छोटे बेटे तेजस्वी यादव को सौंप दी।

सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को पार्टी का पहला राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि अब संगठन की कमान पूरी तरह नई पीढ़ी के हाथों में है।बैठक में लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती, संजय यादव सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता और देश के 27 राज्यों से आए प्रदेश अध्यक्ष मौजूद रहे। RJD के गठन के बाद यह पहला अवसर है जब राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद सृजित किया गया है। अब तक पार्टी के सर्वेसर्वा लालू यादव ही रहे, लेकिन अब राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसी सभी शक्तियां तेजस्वी यादव के पास होंगी।लालू यादव ने मंच से ऐलान किया कि पार्टी के सभी बड़े और नीतिगत फैसले अब तेजस्वी यादव ही लेंगे।

वरिष्ठ नेता भोला यादव ने कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे राबड़ी देवी, मीसा भारती और सभी प्रदेश अध्यक्षों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मंजूरी दी। नेताओं का कहना है कि तेजस्वी वर्तमान समय में पार्टी का सबसे मजबूत चेहरा हैं।यह बैठक बिहार चुनाव में करारी हार के बाद पहली बड़ी रणनीतिक बैठक मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, हार के कारणों पर गहन मंथन हुआ। तेजस्वी यादव ने संकेत दिए कि भीतरघात करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी और विपक्षी एकता को मजबूत करने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

