नई दिल्ली 28 अगस्त (अशोक “अश्क”) टेस्ट क्रिकेट को सबसे कठिन प्रारूप माना जाता है, जिसमें धैर्य, तकनीक और मानसिक दृढ़ता की सच्ची परीक्षा होती है। इस फॉर्मेट में शतक बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। कई बल्लेबाज अर्धशतक तक तो आसानी से पहुंच जाते हैं, लेकिन उसे शतक में बदल पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। ऐसे में अगर कोई बल्लेबाज टेस्ट करियर में अर्धशतक से ज्यादा शतक लगाए, तो यह उसकी असाधारण क्षमता को दर्शाता है। आज हम आपको 5 ऐसे ही महान बल्लेबाजों के बारे में बता रहे हैं, जिनके टेस्ट करियर में अर्धशतक से ज्यादा शतक दर्ज हैं।

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान यूनिस खान ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया। उन्होंने 118 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 52.12 की औसत से 10099 रन बनाए। उनके नाम 34 शतक और 33 अर्धशतक दर्ज हैं। यानी उन्होंने अर्धशतक से ज्यादा बार शतक जमाया। उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी 313 रन की रही। यूनिस की यह उपलब्धि उन्हें पाकिस्तान के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल करती है।
ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने 1994 से 2009 के बीच 103 टेस्ट खेले। उन्होंने 50.73 की औसत से 8625 रन बनाए। उनके नाम 30 शतक और 29 अर्धशतक हैं। हेडन ने टेस्ट में एक बार 380 रनों की विशाल पारी खेली थी, जो टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों में से एक है। उनका यह आंकड़ा दिखाता है कि वह जब भी लय में आते थे, लंबी पारियां खेलते थे।
क्रिकेट के इतिहास के सबसे महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन ने केवल 52 टेस्ट मैच खेले, लेकिन उनका औसत 99.94 रहा, जो आज भी एक सपना जैसा आंकड़ा है। उन्होंने 29 शतक लगाए जबकि अर्धशतक मात्र 13 ही रहे। यानी ब्रैडमैन ने लगभग हर दूसरी पारी में शतक जमाया। जब वह क्रीज पर सेट हो जाते थे, तो उन्हें आउट करना लगभग असंभव होता था।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने 2004 में भारत के खिलाफ डेब्यू करते ही शतक जड़ा था। उन्होंने 2015 तक 115 टेस्ट मैच खेले और कुल 8643 रन बनाए। क्लार्क ने अपने टेस्ट करियर में 28 शतक और 27 अर्धशतक लगाए। वह मिडिल ऑर्डर में टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज थे और बड़े मौकों पर जिम्मेदारी उठाने के लिए जाने जाते थे।
भारत के स्टाइलिश बल्लेबाज मोहम्मद अजहरुद्दीन ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत बेहद खास अंदाज में की थी। उन्होंने अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में लगातार तीन शतक लगाए थे। कुल मिलाकर उन्होंने 99 टेस्ट खेले और 22 शतक के मुकाबले 21 अर्धशतक बनाए। फिक्सिंग विवाद के कारण उनका करियर समय से पहले खत्म हो गया, वरना यह आंकड़ा और भी शानदार हो सकता था।

