पटना 28 अगस्त (अशोक “अश्क”) बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय के पटना स्थित भूतनाथ रोड के आवास पर छापेमारी की। इस छापेमारी ने न केवल विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भ्रष्टाचार की गहराई को भी उजागर कर दिया है।

EOU की टीम ने राय के आवास से पांच अलग-अलग रंग की डायरियां बरामद की हैं, जिनमें बीते कई वर्षों के लेन-देन का विस्तृत ब्यौरा दर्ज है।
सिल्वर रंग की डायरी: पैसों के लेन-देन के साथ संबंधित मोबाइल नंबर दर्ज।
नारंगी डायरी: “तिरुपति इंटरप्राइज” के नाम से वर्ष 2024 का वित्तीय लेखा-जोखा।
चार्टर्ड अकाउंटेंट डायरी (2022): पूरे वर्ष का हिसाब।
कॉफी कलर की दो डायरियां: कई वर्षों का काला लेखा-जोखा दर्ज।
डायरियों में जिन मोबाइल नंबरों का उल्लेख है, उनकी अब गहराई से जांच की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
EOU ने छापेमारी के दौरान तीन पेन ड्राइव (लाल और काले रंग की) भी जब्त की हैं, जिनमें डिजिटल साक्ष्य होने की संभावना है। टीम अब इनका फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, विनोद कुमार राय को छापेमारी की भनक पहले ही लग गई थी। उन्होंने नोटों के बंडल और विभागीय दस्तावेजों को जलाने का प्रयास किया। EOU टीम ने किचन डस्टबिन से अधजले दस्तावेज बरामद किए, जिनमें मधुबनी जिले की ग्रामीण सड़क मरम्मत योजनाओं से जुड़े पेपर शामिल थे।
वर्तमान में राय मधुबनी रेंज के अधीक्षण अभियंता पद पर कार्यरत हैं, जबकि उन्हें सीतामढ़ी रेंज का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
इस कार्रवाई से साफ है कि बिहार में भ्रष्टाचार किस हद तक फैला है और प्रशासनिक अमले में किस स्तर पर सफाई की जरूरत है। EOU की यह जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे संभव हैं।

