
पटना,डेस्क। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों के सोशल ऑडिट के लिए ₹9 करोड़ 47 लाख 84 हजार 111 की राशि को अंतिम स्वीकृति दे दी गई है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से यह स्वीकृति प्रदान की गई है। राशि जारी होने के बाद पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच को गति मिलेगी।राज्य के सभी जिलों में मनरेगा के तहत व्यापक स्तर पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करना और टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इसके अंतर्गत जल संरक्षण,कृषि विकास,ग्रामीण बुनियादी ढांचा, स्वच्छता, तालाब और कुओं का निर्माण,चेक डैम,पौधरोपण, ग्रामीण सड़क, आंगनवाड़ी भवन, स्कूल शौचालय और खेल मैदान जैसे कार्य शामिल हैं। साथ ही इच्छुक व्यस्कों को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों की अकुशल मजदूरी देने का प्रावधान भी है। ग्राम पंचायतों में कराए गए इन लोक कल्याणकारी कार्यों की पारदर्शी जांच के लिए सभी जिलों में सामाजिक अंकेक्षण सोसायटी का गठन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 10 करोड़ 12 लाख 41 हजार 500 रुपए की स्वीकृति दी थी, जिसमें से ग्रामीण विकास विभाग ने ₹9 करोड़ 47 लाख 84 हजार 111 की राशि जारी की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इससे सोशल ऑडिट की प्रक्रिया मजबूत होगी और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी।कोट“ग्राम पंचायतों में हुए कार्यों का निष्पक्ष और पारदर्शी सोशल ऑडिट जरूरी है। राशि जारी करने का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। सोशल ऑडिट से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और विकास कार्यों का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।”— श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री

