
गोपालगंज, निज संवाददाता।
जिले को पश्चिम चंपारण से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण जादोपुर-मंगलपुर पुल में दरार मिलने से हड़कंप मच गया है। गंडक नदी पर बने इस पुल के पांचवें पिलर के समीप स्पैन में करीब 5 से 7 इंच तक की दरार पाई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन तत्काल प्रभाव से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी है, जबकि हल्के वाहनों का आवागमन फिलहाल जारी है।
शनिवार को मौके पर पहुंचे डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि दरार बढ़ने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। भारी वाहनों के दबाव से स्थिति और बिगड़ सकती है,जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
-IIT–NIT की टीम ने किया तकनीकी जांच
डीएम ने बताया कि पुल की स्थिति का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। आईआईटी पटना और एनआईटी के इंजीनियरों की टीम पहुंचकर पुल की विस्तृत और तकनीकी जांच की है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई और मरम्मत का निर्णय लिया जाएगा।
-पश्चिम चंपारण व नेपाल से जोड़ने का लाइफलाइन है यह पुल
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 में करीब 550 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल की लंबाई लगभग 1.92 किलोमीटर है। यह पुल गोपालगंज को बेतिया (पश्चिम चंपारण) से सीधे जोड़ता है और दोनों जिलों के बीच की दूरी करीब 110 किलोमीटर तक कम करता है। वही पूर्वी चंपारण व नेपाल की दूरी भी इससे कम हो जाती है। रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे यह पुल इलाके की जीवनरेखा माना जाता है।
-प्रशासन सतर्क, लोगों से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और भारी वाहन चालक वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। पुल की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
जादोपुर-मंगलपुर पुल पर दरार आने से बढ़ी मुश्किलें
शनिवार को निरीक्षण के दौरान पुल के पांचवें पिलर के पास दरार पाई गई। जिसके बाद आम लोगों सहित प्रशासन की भी मुश्किलें बढ़ गई है।
✦ दरार कितनी बड़ी है?
स्पैन में करीब 5 से 7 इंच की दरार दर्ज की गई है।
✦ भारी वाहनों पर रोक क्यों लगाई गई?
भारी वाहनों के दबाव से दरार बढ़ने और हादसे की आशंका को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
✦कौन कर रहा पुल की जांच
आईआईटी पटना व एनआईटी के विशेषज्ञों की टीम पुल की तकनीकी जांच कर रही है।
