
बिहार डेस्क:-27 मई मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने “बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026” को मंजूरी दे दी है.नई नीति के तहत सरकार द्वारा परियोजनाओं के लिए जमीन लेने पर किसानों और जमीन मालिकों को पहले से अधिक मुआवजा मिलेगा.
नई नीति की मुख्य बातें
- ग्रामीण क्षेत्र की जमीन
यदि आपकी जमीन ग्रामीण इलाके में है,तो सरकार आपको बाजार मूल्य या सर्किल रेट (जो अधिक होगा)
उसका 4 गुना मुआवजा
साथ में 10% अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देगी. - शहरी क्षेत्र की जमीन
यदि जमीन शहर या नगर क्षेत्र में है,तो बाजार मूल्य या सर्किल रेट (जो अधिक होगा)
उसका 2 गुना मुआवजा
साथ में 10% अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि
मिलेगा.
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए ग्रामीण क्षेत्र में आपकी जमीन का सर्किल रेट 10 लाख रुपये है और बाजार मूल्य 12 लाख रुपये है।
तो सरकार 12 लाख को आधार मानेगी:
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इसके बाद 10% अतिरिक्त प्रोत्साहन:
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यानी कुल लगभग 52.8 लाख रुपये मुआवजा मिल सकता है।
स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क से राहत
नई नीति के तहत सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली जमीन पर:
स्टांप शुल्क नहीं लगेगा
पंजीकरण शुल्क भी माफ रहेगा
इससे भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज और आसान होगी.
किन परियोजनाओं के लिए होगी जमीन खरीद?
यह नीति लागू होगी:
केंद्रीय परियोजनाओं
राज्य सरकार की योजनाओं
सड़क,अस्पताल,उद्योग, रेलवे,पुल जैसी विकास परियोजनाओं के लिए होने वाले रैयती भूमि अधिग्रहण पर कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले,कैबिनेट बैठक में कई विभागों में नए पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली:
युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में 57 नए पद
छात्र एवं युवा कल्याण निदेशालय में 55 नए पद
Patna Medical College and Hospital में स्पाइन सब-स्पेशलिटी यूनिट के लिए 29 पद सृजित किए गए हैं.

