
बिहार डेस्क पटना:-28 मई बिहार में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राजधानी पटना में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्पेशल टास्क फोर्स और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो कुख्यात अपराधियों को दबोच लिया गया। मसौढ़ी इलाके में चलाए गए “ऑपरेशन लंगड़ा” के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें 16 संगीन मामलों में वांछित अजय पासवान गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके साथी अजय यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों अपराधी मसौढ़ी इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सघन अभियान चलाया। खुद को घिरता देख अपराधियों ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने पीछा किया। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में अजय पासवान के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने उसे तुरंत कब्जे में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया। जबकि उसके साथी अजय यादव जो 20 से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित हैं, को पुलिस ने दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह बिहार और झारखंड में कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है। जांच में सामने आया है कि अजय पासवान का नाम पहले भी पटना के जक्कनपुर इलाके में हुए 24 लाख रुपये के लूटकांड में सामने आ चुका है। इसके अलावा गोपालपुर थाना क्षेत्र में हुई कैश वैन लूट की साजिश में भी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि दोनों अपराधी बीते कई दिनों से सोना कारोबारियों की रेकी कर रहे थे और बड़ी डकैती की योजना बना रहे थे। एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई से अपराधियों की साजिश नाकाम हो गई। इस ऑपरेशन के बाद इलाके में दहशत के साथ-साथ राहत का माहौल भी देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिहार में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

