
पटना,डेस्क 03 जुलाई। भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–1000 वर्ष की अद्भुत आस्था” के उपलक्ष्य में बिहार सरकार लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए 20 जुलाई 2026 से विशेष निःशुल्क सोमनाथ यात्रा का आयोजन करेगी। इस यात्रा का संचालन बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा। इस विशेष यात्रा का शुभारंभ 20 जुलाई को पटना जंक्शन से विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से होगा। श्रद्धालु गुजरात स्थित पवित्र सोमनाथ धाम के दर्शन एवं भ्रमण के बाद 26 जुलाई 2026 को पटना लौटेंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं उठाना होगा। रेल यात्रा, आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा, स्वयंसेवकों की सेवा, विशेष यात्रा किट, स्वागत एवं विदाई समारोह सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बिहार सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। यात्रा के सफल संचालन के लिए भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के सहयोग से वातानुकूलित रेल यात्रा सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर यात्रा अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
-आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है बाबा सोमनाथ
यह आयोजन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा नई पीढ़ी को देश की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना है। यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है, जिसके माध्यम से देशभर में सांस्कृतिक चेतना और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
-बोले मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार
कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि, “सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। यह यात्रा लोगों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। बिहार सरकार श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि यात्रा की प्रत्येक व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, ताकि यह आयोजन बिहार की सांस्कृति व आध्यात्मिक चेतना को नई मजबूती प्रदान कर सके।
-तैयारियां शुरू, प्रशासनिक स्वीकृति मिली
राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी आयोजन को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर चुकी है। कला एवं संस्कृति विभाग ने सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए यात्रा की तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। विभाग का लक्ष्य इस यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और यादगार बनाना है, जिससे श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके।

