दरभंगा, 30 अगस्त (अशोक “अश्क”) बिहार के दरभंगा जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहने के मामले में गिरफ्तार किए गए मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा को लेकर कई खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि रिजवी न तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ा है और न ही कांग्रेस से। आरोपी ने खुद भी पुलिस के समक्ष यह स्वीकार कर लिया है कि उसने ही पीएम मोदी को गाली दी थी। मामला सामने आने के बाद देशभर में चर्चा का विषय बन गया था।

जानकारी के अनुसार, मोहम्मद रिजवी दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के भपुरा गांव का निवासी है और पेशे से पंक्चर मिस्त्री व ड्राइवर है। उसके पिता की पोठिया गाछी में पंक्चर की दुकान है, जबकि वह खुद रधिया कुटी चौक पर पंक्चर और बाइक मरम्मत का कार्य करता है। समय मिलने पर वह अन्य लोगों की गाड़ियों पर ड्राइवर का भी काम करता है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रिजवी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का समर्थक है और पार्टी के कार्यक्रमों में भी शामिल होता रहा है। वह एनआरसी के खिलाफ हुए आंदोलनों में भी सक्रिय भूमिका निभा चुका है।
बीते बुधवार को सिमरी क्षेत्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की “वोटर अधिकार यात्रा” के दौरान एक स्थानीय नेता मोहम्मद नौशाद द्वारा बनाए गए स्वागत मंच से रिजवी ने पीएम मोदी और उनकी दिवंगत मां के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया।
शुक्रवार को दरभंगा पुलिस ने रिजवी को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में केवटी के भाजपा विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रो. आदित्य नारायण चौधरी मन्ना ने भी कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस वीडियो फुटेज के जरिए अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी है। एसडीपीओ एसके सुमन के अनुसार, सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार के नेतृत्व में जांच जारी है। वहीं, मंच बनाने वाले मोहम्मद नौशाद की तलाश भी की जा रही है।
कांग्रेस और INDIA गठबंधन के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि रिजवी को भाजपा ने भेजा था, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के स्थानीय नेताओं ने इस दावे से साफ इनकार कर दिया है।

