पटना, 08 सितम्बर (अशोक “अश्क”) राजधानी पटना हर दिन लाखों यात्रियों की भीड़ और ट्रेनों की आवाजाही का दबाव झेलता है, अब इस बोझ से कुछ हद तक मुक्त होने जा रहा है। रेलवे ने जंक्शन के पास स्थित हार्डिंग पार्क में एक नए पैसेंजर ट्रेन टर्मिनल के निर्माण का निर्णय लिया है, जो आने वाले समय में राजधानी के रेल संचालन का प्रमुख केंद्र बनेगा।

करीब 95 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह नया टर्मिनल यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। यहां कुल 5 प्लेटफॉर्म होंगे, जहां से 80 लोकल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन ट्रेनों में प्रतिदिन करीब 50 हजार यात्री यात्रा करते हैं। इसका उद्देश्य पटना जंक्शन पर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और संचालन को अधिक सहज बनाना है।
हार्डिंग पार्क टर्मिनल को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। यात्रियों के लिए पर्याप्त संख्या में टिकट काउंटर, सड़क से सीधा कनेक्शन, बड़ा पार्किंग क्षेत्र और अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी के माध्यम से प्लेटफॉर्म तक पहुंच की सुविधा होगी। इससे प्लेटफॉर्मों के बीच आवागमन और भी सुगम होगा।
स्टेशन परिसर को मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्री मेट्रो, ऑटो, टैक्सी और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों तक आसानी से पहुंच सकें। इसके लिए टर्मिनल को आर ब्लॉक फ्लाईओवर गोलंबर से सीधे जोड़े जाने की योजना है। पुल निर्माण निगम के साथ इस संबंध में बातचीत जारी है।
इस टर्मिनल के निर्माण से कंकड़बाग, कदमकुआं, सचिवालय और मीठापुर जैसे इलाकों से आने वाले यात्रियों को सीधा और सुविधाजनक मार्ग मिलेगा। फ्लाईओवर के माध्यम से वे जाम और ट्रैफिक की समस्या से बचते हुए सीधे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे।
निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है, और इसे अगले 18 महीनों में पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में यहां से मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की भी योजना है, जिससे पटना जंक्शन का दबाव और अधिक कम होगा।
रेलवे के इस कदम से न केवल यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा, बल्कि पटना शहर को एक आधुनिक और सुसज्जित रेल हब भी मिलेगा। हार्डिंग पार्क टर्मिनल आने वाले वर्षों में राजधानी के रेल नक्शे को पूरी तरह से बदल देगा।

