नई दिल्ली, 10 सितम्बर (अशोक “अश्क”) पूर्वी यूरोप में एक बार फिर सुरक्षा हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। पोलैंड की हवाई सीमा पर बढ़ते खतरे के बीच अमेरिकी F-35 फाइटर जेट्स को सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही डच और इटालियन एयरफोर्स की गतिविधियां भी पोलैंड के एयरस्पेस में देखी गई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब रूस ने यूक्रेन के पश्चिमी हिस्सों में हवाई हमला तेज कर दिया है खासकर उन इलाकों में जो नाटो सदस्य पोलैंड की सीमा से लगे हुए हैं।
यूक्रेन की एयरफोर्स ने दावा किया कि रूसी ड्रोन ने पोलैंड के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया, जो पोलैंड के जामोश्च शहर के लिए संभावित खतरा बन सकते थे। हालांकि, बाद में यह बयान टेलीग्राम चैनल से हटा दिया गया, जिससे स्थिति और अधिक संशयपूर्ण हो गई है।

यूक्रेनी रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार को देश के पश्चिमी क्षेत्र वोलिन और ल्वीव में कई घंटों तक एयर रेड अलर्ट जारी रहा। ये दोनों क्षेत्र पोलैंड की सीमा से लगे हैं और हालिया हमलों के चलते इन्हें उच्चतम सतर्कता पर रखा गया है।
अमेरिकी प्रतिनिधि जो विल्सन ने इस पूरी घटना को नाटो पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा, “रूस ईरानी शहीद ड्रोन का इस्तेमाल कर नाटो सहयोगी पोलैंड पर हमला कर रहा है। यह एक ‘ऐक्ट ऑफ वॉर’ है।”
विल्सन ने यह भी उल्लेख किया कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवरोकी की मेजबानी की थी। उन्होंने अमेरिका से आग्रह किया कि रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं और यूक्रेन को ऐसे हथियार दिए जाएं जो रूस की धरती पर हमला करने में सक्षम हों।
पोलैंड की सेना ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “पोलैंड और उसके सहयोगी देशों के एयरक्राफ्ट हमारे हवाई क्षेत्र में ऑपरेट कर रहे हैं। ग्राउंड-बेस्ड एयर डिफेंस और राडार रिकॉन्नेसेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्टिव कर दिया गया है।”
हालांकि यूक्रेनी मीडिया का दावा है कि रूसी ड्रोन पोलैंड के एयरस्पेस में घुसे थे, लेकिन इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पोलैंड की सरकार ने भी अब तक इस उल्लंघन पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध पहले से ही यूरोप में अस्थिरता फैला रहा है। अब अगर नाटो सदस्य देश की सीमा में किसी भी तरह का उल्लंघन होता है, तो यह स्थिति को और अधिक गंभीर बना सकता है।

