बक्सर, 12 सितम्बर (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 22 वीं बैठक का आयोजन किया गया | बैठक की शुरुआत माननीय कुलपति एवं अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्जवलन के साथ हुई। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान श्रीमती अनीता कुमारी द्वारा विगत वर्ष के प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत कर किया गया साथ ही विगत निर्णयों के अनुपालन से अवगत कराया गया | बैठक में माननीय कुलपति ने अनुपालन की समीक्षा की एवं महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए |

माननीय कुलपति डॉ डी. आर सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र का पैठ किसानों तक और भी प्रभावपूर्ण तरीकों से बढाने की आवश्यता पर बल दिया | माननीय कुलपति ने कहा कि “हमें एकल खेती से मिश्रित खेती और अंतरवर्ती खेती की ओर जाने की आवश्यकता है|” माननीय कुलपति ने किसानों को सुझाव दिया कि पारंपरिक खेती से बेहतर है कि मूल्यवर्धित उत्पाद पर विशेष ध्यान केन्द्रित करें | निदेशक अटारी पटना डॉ अंजनी कुमार ने प्राकृतिक खेती को किसानों तक पहुंच बनाने के लिए केंद्र को राशि देने की बात कही। जिला कृषि पदाधिकारी ने मोटे अनाज के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि भागलपुर में अभी भी मोटे अनाज की खेती के बारे में किसान जागरूक नहीं हैं |
संयुक्त निदेशक कृषि ने दलहन में खरपतबार की शिकायत की ओर ध्यान आकृष्ट किया और मक्का और आलू की मिश्रित खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई | किसान नीरज कुमार ने हाई वैल्यू क्रॉप को बढ़ावा देने की बात कही |
बैठक में अवगत कराया गया कि कृषि विज्ञान केंद्र सबौर द्वारा पुष्प उत्पादन को कृषक समूह के साथ मिलकर नयी प्रजाति का प्रत्यक्षण कर क्षेत्र विस्तार किया गया | इसके साथ ही OFT और FLD के विगत कार्यों की समीक्षा की गयी | बैठक में केंद्र द्वारा एग्रो टूरिज्म की दिशा में किये गये कार्यों से अवगत कराया गया | प्राकृतिक खेती के उपियोगिता और प्रक्रिया पर किये गये कार्यों की समीक्षा की गयी |
अन्य निर्णयों की समीक्षा:
• बिहार कौशल प्रशिक्षण द्वारा हासिल की गयी सफलता को दर्शाया गया
• अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण की समीक्षा की गयी
• पशुओं के टीकाकरण कार्यक्रम से सदस्यों को अवगत कराया गया |
• NICRA परियोजना की समीक्षा की गयी
• चारा प्रबंधन पर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया गया
• अनुसूचित जाती उपयोजना का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया
• कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की गयी
कार्यक्रम में अन्य अतिथियों में भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र पटना के वरीय वैज्ञानिक डॉ मुन्नवरउल्लाह, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ अंजलि कुमारी सिन्हा, उपनिदेशक प्रशिक्षण डॉ अभय मानकर, डीडीएम नाबार्ड, इत्यादि उपस्थित रहे | निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ आर. के. सोहाने ने धन्यवाद ज्ञापन किया |

